भोपाल रेल मंडल के 15 रेलवे स्टेशन अब केवल यात्रा शुरू करने या खत्म करने की जगह तक सीमित नहीं रहेंगे. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके और स्थानीय स्तर पर व्यापार व रोजगार के नए अवसर तैयार हों. रेलवे ने इन स्टेशनों पर मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स और डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर विकसित करने की योजना बनाई है. इसके लिए निजी कंपनियों से प्रस्ताव भी आमंत्रित किए गए हैं. डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर में टच स्क्रीन, डिजिटल डिस्प्ले और वर्चुअल रियलिटी जैसी नई तकनीकों का उपयोग होगा. इनकी मदद से यात्रियों को आसपास के पर्यटन स्थलों, सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर आसानी से मिल सकेगी.
रेलवे की नई पहल
मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. यहां फूड कोर्ट, शॉपिंग एरिया, बैंकिंग सेवाएं, कार्यालय, आरामदायक वेटिंग रूम और पर्यटन सहायता केंद्र बनाए जाएंगे. इसके अलावा स्टेशन परिसर में गेमिंग जोन, बच्चों के मनोरंजन की सुविधाएं, आधुनिक लाउंज, ई-लॉबी, एटीएम और ड्राइव-इन सिनेमा जैसी आकर्षक व्यवस्थाएं भी विकसित करने की तैयारी है. उद्देश्य यह है कि यात्रियों को स्टेशन पर ही कई जरूरी सुविधाएं एक साथ मिल सकें.
इन स्टेशनों का आधुनिकीकरण
इस योजना के अंतर्गत नर्मदापुरम, शाजापुर, इटारसी, सांची, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर, गुना, हरदा, खिरकिया, बनापुरा, रुठियाई, शिवपुरी, ब्यावरा-राजगढ़ और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन शामिल हैं. इनमें नर्मदापुरम और शाजापुर स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है. वहीं अन्य सभी स्टेशनों पर निर्माण और आधुनिकीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. भोपाल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के अनुसार रेलवे का लक्ष्य स्टेशनों को केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें व्यापार, निवेश और सामाजिक गतिविधियों के नए केंद्र के रूप में विकसित करना है. इससे स्थानीय कारोबारियों को नए अवसर मिलेंगे, रोजगार के विकल्प बढ़ेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी. रेलवे का मानना है कि आधुनिक स्टेशन यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय विकास को भी नई दिशा देंगे.
