बुरहानपुर जिले के केला उत्पादक किसानों के लिए गुरुवार राहत और उम्मीद लेकर आया. राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से जिले के 8,115 किसानों के बैंक खातों में कुल 107 करोड़ 72 लाख रुपए की सहायता राशि ट्रांसफर की. जिले के इतिहास में पहली बार प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को इतनी बड़ी राशि एक साथ उपलब्ध कराई गई है.
यह सहायता उन किसानों को दी गई, जिनकी केला फसल 29 और 30 मई तथा 1 जून को आई तेज आंधी, तूफान और बेमौसम बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुई थी. प्राकृतिक आपदा के कारण करीब 8,963 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल को नुकसान पहुंचा था. मुख्यमंत्री द्वारा राशि जारी करते ही किसानों के मोबाइल पर भुगतान का संदेश पहुंचने लगा, जिससे लंबे समय से राहत का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई.
जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से मिली सफलता
इस राहत पैकेज के पीछे जनप्रतिनिधियों की लगातार मेहनत भी अहम रही. खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील और नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने किसानों की समस्या को सरकार के सामने लगातार उठाया. दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री से कई बार मुलाकात कर प्रभावित किसानों को जल्द आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया. जिला प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बाद भी उन्होंने मामले की लगातार पैरवी की, जिसका परिणाम अब किसानों को मिला.
किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है. प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय पर राहत देना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक, प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के साथ सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की.
सांसद और विधायक ने जताया आभार
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि बुरहानपुर का केला पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है. किसानों को राहत दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया.
वहीं नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने कहा कि यह सहायता राशि किसानों को नए कृषि सीजन की तैयारी में बड़ी मदद देगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है.
बलराम कृषि महोत्सव में मिली नई तकनीकों की जानकारी
बलराम कृषि महोत्सव केवल राहत वितरण तक सीमित नहीं रहा. कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, फसल पोषण प्रबंधन और नई कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी गई. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के सवालों के जवाब दिए, जबकि विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही.
