डिंडौरी/शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ शासन की अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत पात्र हितग्राही की सहायता राशि को हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जनपद पंचायत में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर मुकेश मालवीय के खिलाफ शासन की राशि गबन करने, धोखाधड़ी करने और दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
ये है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम गौरा कन्हारी की निवासी हिरौंदा बाई बैगा की 23 अगस्त 2020 को मृत्यु हो गई थी। शासन के नियमों के अनुसार उनके पति को छह हजार रुपये की अंत्येष्टि सहायता राशि और चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई थी। बताया गया कि पीड़ित पति अपने हक की राशि के लिए लंबे समय तक जनपद कार्यालय के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसे सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई। इसी दौरान प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि ऑपरेटर मुकेश मालवीय ने ही वर्ष 2022 में राशि को अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिया था।
जांच के बाद खुलासा
जांच में जिस खाते में राशि डाली गई थी, वह बैंक ऑफ बडौदा में खोला गया एक निजी खाता निकला। इसमें छह हजार की अंत्येष्टि सहायता राशि के साथ चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि भी जमा की गई थी। इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। जनपद सीईओ की शिकायत पर मामला पुलिस में दर्ज किया गया। थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शासकीय राशि का गबन करने और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR की गई है। आरोपी की तलाश जारी है और शीघ्र ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
सरकारी सिस्टम पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला जनपद कार्यालयों में कार्यरत ऑपरेटरों की वास्तविक भूमिका पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। वहीं तत्कालीन अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भी जांच कराने की मांग उठ रही है।


