चंदेरी/ भूमिका विश्वकर्मा/ खबर डिजिटल/ – इंदौर की नारकोटिक्स टीम ने अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए MD (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।
इंदौर नारकोटिक्स टीम तथा चंदेरी पुलिस के सहयोग से दी गई दबिश में चंदेरी थाना क्षेत्र के कड़राना गांव में राघवेंद्र परमार के घर पर सोमवार रात (9-10 फरवरी 2026 की दरमियानी रात)
पुलिस ने मौके से 45 किलो एमडी ड्रग केमिकल, लगभग 1.282 किलोग्राम तैयार ड्रग्स और 2.570 किलोग्राम अर्ध-तैयार ड्रग्स 45 किलो मादक पदार्थ बनाने का केमिकल,एक होंडा कंपनी की mp04 cu 5182 न. की कार ,दो मोबाइल, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर दो मैगजीन 15 जिंदा कारतूस तथा मादक पदार्थ बनाने के उपकरण बरामद किया है
इस मामले में दो आरोपी
राघवेंद्र परमार पुत्र बलराम परमार निवासी कड़राना,
प्रियांशु जैन पुत्र सुनील जैन निवासी हाट का पुरा, चंदेरी को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि ये आरोपी जंगल के पास स्थित इस घर में ड्रग्स का अवैध कारोबार चला रहे थे। इस कार्रवाई का संबंध मालवा क्षेत्र में चल रहे ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ जारी अभियान से है।
यह कार्रवाई हाल ही में मंदसौर के गरोठ में पकड़ी गई ड्रग फैक्ट्री के बाद इंदौर पुलिस की एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी अनुसार इंदौर पुलिस द्वारा अशोकनगर के चंदेरी (कड़राना गांव) में पकड़ी गई ड्रग फैक्ट्री के मामले में गिरफ्तार आरोपी राघवेंद्र परमार कड़राना गांव का निवासी है और इसी के घर में यह अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।
राघवेंद्र का घर गांव से थोड़ा अलग और एकांत में स्थित था, जिसका फायदा उठाकर वहां ड्रग्स बनाने की लैब तैयार की गई थी।
दूसरे आरोपी प्रियांशु जैन चंदेरी के ‘हाट का पुरा’ इलाके का रहने वाला है।
प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि प्रियांशु इस ड्रग सप्लाई चेन और बाजार में वितरण (Distribution) की जिम्मेदारी संभाल रहा था।
इंदौर पुलिस को संदेह है कि इस पूरी फैक्ट्री का संचालन और फंडिंग इंदौर में बैठे किसी बड़े सिंडिकेट द्वारा की जा रही थी।
पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड (NDPS Act के तहत) खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं।
मौके से एक पिस्टल और कार भी जब्त की गई है, जो आरोपियों के खतरनाक नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
