छिंदवाड़ा/तौफीक मिस्कीनी/खबर डिजिटल/ मां की ममता को संसार करने वाला मामला छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से सामने आया है, जहां सिविल अस्पताल के टॉयलेट में नवजात का शव टॉयलेट के कमोड में फंसा हुआ पाया गया, इसके बाद पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर टॉयलेट को तोड़कर शव को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया है।
ओपीडी के समय आया मामला
अस्पताल में ओपीडी के समय बच्चा डिलिवर कर साक्ष्य छुपाने के मकसद से बच्चे को टॉयलेट में बहाने की नाकाम कोशिश का अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल की महिला कर्मचारी टॉयलेट में गई थी। वहां उसने पानी डाला तो पानी फ्लश नहीं हुआ। उसने झांककर देखा तो बच्चे का हाथ और सिर दिखाई दिया। उसने तत्काल जाकर अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी, प्रबंधन ने एएनसी, पीएनसी कक्ष और लेबर रूम में जाकर देखा। वहां ऐसी कोई महिला नहीं मिली जिसका बच्चा डिलिवर हुआ हो और वो बिना बच्चे के अस्पताल में हो, इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई।
सूचना पर पहुंची अस्पताल में पुलिस
करीब साढ़े चार बजे पुलिस अस्पताल पहुंची और टायलेट को तुड़वाने का का काम शुरू किया गया, लेकिन बच्चा बुरी तरह से फंसा होने से कई घंटे बाद भी उसे नहीं निकाला जा सका,लेकिन संपूर्ण मामले में पुलिस जांच कर रही है
प्रभारी बीएमओ ने दी जानकारी
प्रभारी बीएमओ में चर्चा करते हुए कहा कि जानकारी मिली थी कि महिला शौचालय में पानी पास नहीं कर रहा है, उसमें कुछ फंसा हुआ है, जब जाकर देखा तो नवजात का शव फंसा हुआ है, इसके बाद इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, और शव को निकालने का प्रयास किया गया, तो लगभग 7 घंटे के बाद नवजात शिशु का शव बाहर निकाल गया।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकालकर मामले की जांच में जुट गए हैं। फिलहाल पुलिस अस्पताल में लगे कैमरों को खंगाल रही हैं, वहीं इस मामले में पुलिस अधिकारियों को कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


