चंदेरी -अशोकनगर जिले के चंदेरी में फर्जी आईआरएस अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, चंदेरी निवासी जयकुमार कोली एवं विजय कुमार दुबे की शिकायत पर थाना चंदेरी में प्रकरण दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि 7 अप्रैल 2025 को तृप्ति सिंह राजपूत, उनके भाई सुधांशु सिंह तथा अन्य साथी तनुज वैश्य एवं अंजली सिंह चंदेरी घूमने आए थे और किला कोठी में ठहरे थे।
आरोप है कि तृप्ति सिंह ने स्वयं को मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर फरियादियों को प्रभावित किया। इसके बाद आरोपियों ने सरकारी नौकरी लगवाने तथा अच्छा वेतन दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने स्वयं को मानव संसाधन विकास मंत्रालय में कार्यरत अधिकारी बताया और तृप्ति सिंह ने सुधांशु सिंह को अपना भाई बताते हुए विश्वास में लिया।
नौकरी लगाने के नाम पर तीन लाख रुपये प्रति व्यक्ति की मांग की गई। फरियादियों से कुल 9 लाख 80 हजार रुपये नकद लिए गए तथा आवश्यक दस्तावेज भी प्राप्त किए गए। बाद में शेष दो लाख रुपये देने की बात कही गई।
शिकायत के आधार पर थाना चंदेरी में बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश की। पुलिस ने तृप्ति सिंह के साथ उसके साथी सुनील सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा मामले में शामिल अन्य आरोपी तनुज वैश्य एवं अंजली सिंह की तलाश की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इसी प्रकार अन्य लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी तो नहीं की।
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी अथवा प्रतिष्ठित संस्था का अधिकारी बनकर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये की मांग करता है तो बिना सत्यापन के किसी प्रकार का भुगतान न करें तथा ऐसी ठगी की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें।
