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Friday, April 17, 2026
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सीएम डॉ. मोहन यादव की अधिकारियों को नसीहत, जनप्रतिनिधियों का करें सम्मान

कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का आयोजन , भावान्तर योजना का करें प्रचार-प्रसार - सीएम डॉ. यादव

भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकारी मशीनरी में कसावट लाने के काम में जुटे हैं। इसी के तहत राजधानी भोपाल कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिनी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे जनप्रतिनिधियों का पूरा सम्मान करें। अधिकारी ड्राइविंग सीट पर न आएं बल्कि आसपास रहकर व्यवस्थाओं का संचालन करें। दौरा करने के साथ गांव में रात्रि विश्राम भी करें और लोगों से संवाद स्थापित करें। इस दौरान छात्रावास, स्कूल, आंगनबाड़ी, राशन दुकान, निर्माण कार्यों, हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था को सुचारु बनाएं भी करें।

कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का आयोजन
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में दो दिनी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सीएम डॉ. मोहन यादव ने अफसरों को ताकीद किया गया कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें और उनके सुझावों को सुनकर आवश्यकता को पूरा किया जाए। कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों के कलेक्टर, एसपी समेत 250 से अधिक आईएएस, आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शामिल हो रहे हैं। बता दें कि सीएम डॉ. यादव के कार्यकाल में यह पहली फिजिकल कॉन्फ्रेंस हो रही है।

कृषि क्षेत्र की समस्याओं पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा प्रदेश कृषि उपज पर आधारित है। इसलिए सरकार का मूल लक्ष्य प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना और कृषि फसलों की तुलना में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाना है। हमें इन क्षेत्रों में उद्यमिता के नए अवसर भी बनाने हैं। सभी कलेक्टर्स अपने-अपने‍ जिलों में 100-100 किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही किसानों को उपज विक्रय के लिये मार्केट भी उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर को कृषि उपज मंडी में सोयाबीन फसल की नीलामी पर सघन निगरानी रखने और भावान्तर योजना से किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के पहले सत्र ‘कृषि एवं संबद्ध सेक्टर्स’ को संबोधित कर रहे थे।

श्री अन्न यानि मिलेट्स को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे ग्रामीण युवा आने वाले समय में कृषि उद्यमी बनें, इसके लिए हमें मिल-जुलकर प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि खेती को जैविक खेती की ओर ले जाना एक बड़ी चुनौती है, पर हमें यह चुनौती भी पार करनी ही होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अन्न अर्थात मिलेट्स को प्रोत्साहन देकर इनकी उपज को लगातार बढ़ाना भी हमारा लक्ष्य है, हमें इस दिशा में भी ठोस प्रयास करने होंगे। किसानों को परंपरागत खेती से शिफ्ट कर उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्य पालन जैसे आमदनी बढ़ाने वाले कार्यों की ओर लेकर जाना है। प्रदेश में केला, संतरा, टमाटर एवं अन्य उद्यानिकी की फसलें बड़ी मात्रा में होती हैं। हमें इनके स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण एवं बड़े बाजारों तक मार्केटिंग की व्यवस्था भी करनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों में उर्वरक की खपत सिर्फ वैज्ञानिक आधार पर ही होनी चाहिए। यदि नहीं हो रही है तो इस पर नियंत्रण जरूरी है।

उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में साप्ताहिक मार्केट, हाट बाज़ारों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की उपज का विक्रय सुनिश्चित करें। साथ ही किसानों को नकद फसलों की खेती के लिए समझाइश देकर प्रोत्साहित करें। इसके लिए अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर जिलों में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित कर उसका रिकार्ड रखें और उनकी प्राकृतिक खेती के लाभों का अध्ययन भी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों अर्थात् बागवानी को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने गुना जिले में गुलाब की खेती किए जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां के किसानों ने बड़ा ही प्रगतिशील कदम उठाया है। प्रदेश के सभी धार्मिक शहरों में भी गुलाब की खेती को बढ़ावा दिया जाये, जिससे गुलाब उत्पादन की खपत स्थानीय स्तर पर किया जा सके।

भावान्तर योजना का करें प्रचार-प्रसार – सीएम डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावान्तर योजना का भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। इस योजना का सर्वाधिक लाभ किसानों को मिलना है और यह बात उन तक पहुंचनी भी चाहिए। भावान्तर योजना के समुचित क्रियान्वयन के लिये सभी कलेक्टर पूरी मेहनत और समर्पण से किसानों को इसका अधिकतम लाभ दिलाएं।

पराली जलाने की घटनाओं पर लगाएं सख्त अंकुश – सीएम डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाएं। इसके लिए सक्रिय नियंत्रण तंत्र विकसित करें और ऐसी घटनाओं पर विशेष फोकस कर निगरानी भी बढ़ाएं। कलेक्टर्स कृषि विभाग का सहयोग लेकर किसानों को पराली/नरवाई न जलाने की समझाइश दें। किसानों को पराली निष्पादन के दूसरे विकल्पों के बारे में बताया जाए, जिससे वे पराली जलाने की ओर प्रवृत्त ही न हों।

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