Monday, November 2, 2026
Homeमध्यप्रदेशMP News: 'शाह' की जाएगी कुर्सी… सुप्रीम कोर्ट ने तरेरी कड़ी निगाहें!

MP News: ‘शाह’ की जाएगी कुर्सी… सुप्रीम कोर्ट ने तरेरी कड़ी निगाहें!

सोफिया मलिक पर की थी टिप्पणी

भोपाल/खबर डिजिटल/ भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस ने बुधवार को मंत्री विजय शाह के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार के रुख पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन की अनुमति नहीं देकर उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने का काम किया है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने की मांग की है। पार्टी ने इस मुद्दे को भारतीय सेना के सम्मान और संवैधानिक जवाबदेही से भी जोड़ा है।

राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर कहा कि विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का निर्णय गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके मुताबिक, सरकार एक ऐसे मंत्री को राजनीतिक संरक्षण दे रही है, जिस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। पटवारी ने कहा कि जब सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेही से बचाने के लिए सरकार न्यायिक प्रक्रिया के सामने बाधा बनती दिखाई दे, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने पत्र में कहा कि उच्चतम न्यायालय की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अभियोजन की अनुमति मांगी है। ऐसे में सरकार के रुख से यह महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न उठता है कि क्या सत्ता में मौजूद व्यक्ति कानून और न्यायिक प्रक्रिया से ऊपर हैं।

Datia News: दतिया कलेक्टर से की तहसीलदार ने बहस… तबादले के बाद की शायराना सोशल मीडिया पोस्ट

मंत्रियों के बयानों का दिया हवाला
जीतू पटवारी ने यह पत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद लिखा। बैठक में आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की अनुमति से जुड़ा कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया। कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह से इस विषय में सवाल किया गया था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विजय शाह के मामले में अभियोजन की मंजूरी से संबंधित कोई प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने नहीं आया। बाद में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी इस बात की पुष्टि की। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद अधिकारियों को बाहर भेज दिया गया था। इसके बाद कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की मौजूदगी में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अभियोजन की अनुमति नहीं देने पर विचार किया गया।

कैबिनेट में नहीं आया अभियोजन मंजूरी का प्रस्ताव
गौरतलब है कि पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि विजय शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अभियोजन की स्वीकृति पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 31 अगस्त को प्रस्तावित है। ऐसे में माना जा रहा था कि मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार इस विषय पर कोई निर्णय ले सकती है। हालांकि, सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने साफ किया कि अभियोजन की मंजूरी से संबंधित कोई प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत ही नहीं किया गया।

MP Cabinet Expansion: मोहन मंत्रिमंडल में जल्द दिखेंगे नए चेहरे… बदलेगा सरकार का रंग-रुप

पटवारी ने बताया राजनीतिक इतिहास का शर्मनाक दौर
राष्ट्रपति को भेजे पत्र में जीतू पटवारी ने इस घटनाक्रम को मध्यप्रदेश के राजनीतिक इतिहास का एक अत्यंत शर्मनाक अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि मामला अब केवल विजय शाह के कथित आचरण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल की संवैधानिक तथा नैतिक जिम्मेदारी भी सवालों के घेरे में है। पटवारी ने राष्ट्रपति से मांग की कि मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त किया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति संविधान और भारतीय सेना की गरिमा की रक्षा से जुड़े सर्वोच्च संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करती हैं और देश की जनता को उनसे न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता तथा सेना के सम्मान की सुरक्षा की अपेक्षा है।

राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रपति से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पूरे घटनाक्रम पर देश के सामने अपना रुख स्पष्ट करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार का राजनीतिक प्रभाव न्यायिक प्रक्रिया में बाधा न बने।

Sehore Kawar Yatra: पंडित प्रदीप मिश्रा की कावड़ यात्रा में आया हार्ट अटैक… भारी भीड़ के कारण समय पर नहीं मिला इलाज

सम्बंधित ख़बरें

लेटेस्ट