सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ जिले के हनुमानगढ़ स्थित पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
मामला अब प्रशासनिक गलियारों से निकलकर शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाने लगा है। उच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना, वरिष्ठता नियमों की अनदेखी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई जैसे गंभीर आरोप जिला शिक्षा अधिकारी पर लगाए जा रहे हैं।
उच्च न्यायालय तक पहुंचा मामला
जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य पद को लेकर यह मामला पहले उच्च न्यायालय जबलपुर तक पहुंचा था। न्यायालय ने अपने आदेश में किसी भी शिक्षक को सीधे प्रभारी नियुक्त करने के निर्देश नहीं दिए थे, बल्कि यह स्पष्ट किया था कि जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर सीधी तथा विद्यालय के वर्तमान प्रभारी प्राचार्य के साथ आपसी विमर्श कर नियमों के तहत वरिष्ठ एवं पात्र शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपें।
वरिष्ठता को किया दरकिनार
आरोप है कि न्यायालय के इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी सीधी द्वारा न तो कलेक्टर से चर्चा की गई और न ही स्कूल के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य से कोई समन्वय किया गया। इसके स्थान पर वरिष्ठ उच्च माध्यमिक शिक्षक डॉ. शक्ति कुमार साकेत को नजरअंदाज कर कनिष्ठ शिक्षक श्री पोषणेश कुमार मिश्रा को प्रभारी प्राचार्य का कार्यभार सौंप दिया गया। इस निर्णय को शासन द्वारा निर्धारित वरिष्ठता नियमों के विपरीत बताया जा रहा है।
विवाद का एक और गंभीर पहलू
विवाद का एक और गंभीर पहलू यह है कि वरिष्ठ शिक्षक अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और उन्हें प्रभारी पद से वंचित किए जाने को लेकर सामाजिक न्याय से जुड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। इस पूरे प्रकरण से विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
कार्रवाई की मंशा पर संदेह गहराया
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब पूर्व प्रभारी प्राचार्य रामसुशील पाण्डेय ने कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। आरोप है कि उनकी शिकायत पर निष्पक्ष सुनवाई के बजाय विभाग ने उनके खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया, जिससे कार्रवाई की मंशा पर संदेह गहराने लगा है। इस संबंध में 02 दिसंबर 2025 और 16 दिसंबर 2025 को कलेक्टर सीधी को लिखित शिकायतें सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने दी जानकारी
जब इस विषय में जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, “मामले की जांच कराई जा रही है। अभी मुझे पूरी जानकारी नहीं है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मंगाई जा रही है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
