डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ बजाग, मुख्यालय से सैलवार गांव को जोड़ने वाली इस सड़क पर बिजाखन नदी के ऊपर करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से पुलिया बनाई जा रही है। ग्राम बिलाईखार और बजाग के बीच बन रही इस पुलिया को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया का निर्माण तय डिजाइन और सरकारी मानकों के हिसाब से नहीं हो रहा है।
ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है आरोप है कि विभाग के अफसरों की मिलीभगत से ठेकेदार घटिया सीमेंट, सरिया और रेत का इस्तेमाल कर रहा है। पुलिया अभी पूरी तरह बनी भी नहीं है, लेकिन उसकी दीवारों में साफ दरारें दिखने लगी हैं। इससे इसकी मजबूती पर संदेह हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कंक्रीट डालते समय वाइब्रेटर का उपयोग नहीं किया गया। इससे कंक्रीट ठीक से बैठी नहीं और अंदर खाली जगह रह गई। सेटिंग का काम भी बहुत कमजोर है। निर्माण की गलतियों को छिपाने के लिए ऊपर से प्लास्टर कर दिया गया है ताकि बाहर से देखने में पुलिया सही लगे।
यह पुलिया बजाग से सैलवार और आसपास के गांवों को जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है। रोजाना सैकड़ों लोग, स्कूली बच्चे और वाहन इसी से गुजरते हैं। अगर पुलिया कमजोर रही तो बरसात में टूट सकती है। इससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है और गांवों का संपर्क भी कट सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गड़बड़ी को लेकर पहले भी अखबारों में खबरें छप चुकी हैं। शिकायत के बाद भी न तो ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई और न ही विभाग के किसी अधिकारी ने मौके पर आकर जांच की। इससे ठेकेदार और बेखौफ होकर घटिया काम कर रहा है।
बिलाईखार, बजाग और आसपास के गांवों के लोगों ने जिला कलेक्टर और प्रशासन से मांग की है कि –
इस पूरे निर्माण कार्य की किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो ।पुलिया को तोड़कर दोबारा सही मानकों के हिसाब से बनाया जाए।
ढाई करोड़ की यह पुलिया क्षेत्र के विकास के लिए बहुत जरूरी है। अब देखना है कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है। फिलहाल पूरे इलाके के लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
