दावोस/ खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाओं का शंखनाद किया।
‘Reimagining Tourism at Scale: How Madhya Pradesh is Driving Growth Through Innovation, Culture and Connectivity’ विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय सेशन में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि, विरासत और निवेश अवसरों को प्रभावशाली प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए युग का सूत्रपात हो रहा है।
राज्य केवल भौगोलिक दृष्टि से ही ‘भारत का हृदय’ नहीं है, बल्कि नवाचारी नीतियों, ऐतिहासिक धरोहरों और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय से यह पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक प्रमुख डेस्टिनेशन बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीव संपदा और पुरातात्विक वैभव को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर राज्य में पर्यटन विकास को नई दिशा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टमेंट और हॉस्पिटिलिटी सेक्टर के प्रतिनिधियों को ‘अतुल्य भारत के हृदय प्रदेश’ की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. Mohan yadav ने कहा कि मध्यप्रदेश ‘अतिथि देवो भवः’ की सनातन परंपरा और आधुनिक नवाचार का अद्भुत संगम है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुदृढ़ कनेक्टिविटी और इनोवेशन के माध्यम से राज्य पर्यटन क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
इस अवसर पर सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक, एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने राज्य के पर्यटन परिदृश्य का सारगर्भित प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा, स्थापत्य कला और गौरवशाली इतिहास अद्वितीय हैं तथा पर्यटन और हॉस्पिटिलिटी सेक्टर के लिए राज्य में अधिशेष बिजली, भूमि और जल संसाधन उपलब्ध हैं।
सेशन में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित देश-विदेश के अग्रणी होटल समूहों, पर्यटन उद्यमियों और कला-मीडिया जगत के दिग्गजों ने भाग लिया। सभी ने मध्यप्रदेश की पर्यटन नीति और निवेश-अनुकूल वातावरण की सराहना की।


