सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी,– 04 मई 2026 जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों की हकीकत अब खुलकर सामने आ रही है। वारदाना घोटाले में विजयराघवगढ़ SDM के स्पष्ट आदेश के बावजूद 15 दिन बीत जाने के बाद भी न तो आरोपी केंद्र प्रभारी अनमोल दुबे के खिलाफ FIR दर्ज की गई और न ही उसे पद से हटाया गया। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।सोमवार को राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक, टाईगर्स संस्थान द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते ही पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। संस्था ने जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) पर सीधे-सीधे “संरक्षण” और “मिलीभगत” के आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग गया है।सरकारी माल, निजी गोदाम — खुली लूट का आरोपमामला खरीदी केंद्र कांटी का है, जहां शासकीय बारदाने को कथित रूप से निजी गोदाम में रखकर गबन किया गया। जांच में अनमोल दुबे दोषी पाए गए, जिसके बाद SDM ने 16 अप्रैल 2026 को सख्त आदेश जारी किया था कि आरोपी को तुरंत हटाकर FIR दर्ज की जाए।लेकिन हकीकत इसके उलट है—आदेश कागजों में दफन हो गया और आरोपी आज भी पद पर बना हुआ है।DSO की भूमिका संदिग्धसंस्थान के अधिकारी कमल कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि DSO ने जानबूझकर SDM के आदेश को नजरअंदाज किया।“यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि स्पष्ट संरक्षण है। इससे आरोपी को सबूत मिटाने और मामले को कमजोर करने का समय मिल रहा है।”यह बयान सीधे तौर पर प्रशासनिक सिस्टम की विश्वसनीयता पर चोट करता है।कार्रवाई नहीं, सिर्फ चुप्पी15 दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है—क्या प्रशासन जानबूझकर मामले को दबा रहा है?क्या आरोपी को बचाने की कोशिश हो रही है?क्या ‘ऊपर तक सेटिंग’ के चलते कार्रवाई रोकी गई है?संस्थान की सख्त मांगेंज्ञापन में मांग की गई है कि—DSO को तत्काल निलंबित कर जांच बैठाई जाएअनमोल दुबे को हटाकर FIR दर्ज होEOW से निष्पक्ष जांच कराई जाएपूरे नेटवर्क को उजागर किया जाएअब सड़क पर उतरेगा मामलासंस्थान ने प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट घेराव किया जाएगा और लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।प्रशासन की साख दांव परज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव को भेजे जाने के बाद मामला अब राज्य स्तर तक पहुंच चुका है। ऐसे में यह देखना बेहद अहम होगा कि प्रशासन ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।निष्कर्ष:वारदाना घोटाला अब सिर्फ एक अनियमितता का मामला नहीं रह गया, बल्कि यह प्रशासन की नीयत और कार्यशैली की परीक्षा बन चुका है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला जिले में बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
खबर डिजिटल संवाददाता सौरभ श्रीवास्तव कटनी मो. 9131308097
