Nigam Mandal Final List: मध्यप्रदेश के नेताओं को दिल्ली से एक खुशखबर सामने आई है। मध्य प्रदेश में पिछले डेढ़ साल से खाली पड़े प्रदेश के 40 से अधिक निगम-मंडलों, आयोगों और प्राधिकरणों में नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से हुई चर्चा के बाद सूची को अंतिम मंजूरी मिल गई है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के इसी पखवाड़े में नियुक्तियों का आधिकारिक आदेश जारी हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार इस बार की सूची में भाजपा संगठन ने सोशल इंजीनियरिंग और पॉलिटिकल बैलेंस का खास ध्यान रखा है। सूची में उन पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को तरजीह दी गई है जो वर्तमान सरकार में कैबिनेट का हिस्सा नहीं बन पाए। इसके अलावा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए उन चेहरों को भी एडजस्ट किया गया है, जिन्हें मुख्यधारा में जोड़ना संगठन के लिए जरूरी है। इतना ही नही चर्चा है कि कई सक्रिय विधायकों को भी निगमों का अध्यक्ष बनाकर उनका कद बढ़ाया जाएगा।
इन चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति आयोग
भगत सिंह नेताम को अनुसूचित जनजाति आयोग
प्रवीण शर्मा को युवा आयोग
अखिलेश अयाची या शाशांक श्रीवास्तव को ओरछा विकास प्राधिकरण
विनोद गोटिया को लघु उद्योग निगम
संजय नगाइच को वेयर हाउसिंग
दीपक सक्सेना को वित्त विकास निगम की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
इन्हें मेंं मिलेगा मलाईदार पद!
सूत्रों की मानें तो पूर्व मंत्रियों और विधायकों के नाम भी इस सूची का हिस्सा है। इनमें अरविंद भदौरिया, रामनिवास रावत, उमाशंकर गुप्ता, कमल पटेल, रामपाल सिंह, अचल सोनकर और इमरती देवी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा ध्रुव नारायण सिंह और विधायक अभिलाष पांडे, अजय विश्नोई, आशीष शर्मा, शैलेंद्र जैन व प्रदीप लारिया को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल किसी भी समय सूची को सार्वजनिक कर सकते हैं, जिससे प्रदेश की सियासत में नई हलचल मचनी तय है।


