MP Pariseeman: मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते है। क्योंकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने और परिसीमन के बाद प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा सीटों की संख्या में इजाफा होने की संभावनाएं बन रही है। केंद्र सरकार 16 अप्रैल को संसद में संशोधन और परिसीमन विधेयक पेश करने जा रही है, जिसके बाद मध्य प्रदेश का सियासी नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा।
विधानसभा में बढ़ेंगी 115 सीटें!
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में मंत्रियों के साथ हुई बैठक में इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं। विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव एपी सिंह के आकलन के अनुसार वर्तमान में 230 सीटों वाली विधानसभा बढ़कर 345 सीटों की हो सकती है। तो वही प्रदेश में लोकसभा की सीटें 29 से बढ़कर 43 होने का अनुमान है। साल 2000 में छत्तीसगढ़ के अलग होने से पहले संयुक्त मध्य प्रदेश में 320 विधानसभा और 40 लोकसभा सीटें थीं। नया परिसीमन प्रदेश को फिर से उसी बड़े स्वरूप में ले आएगा।
महिला आरक्षण होगा लागू
33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होने के बाद सदन में आधी आबादी की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। यदि विधानसभा सीटें 345 होती हैं, तो 114 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वर्तमान में केवल 27 महिला विधायक हैं। तो वही लोकसभा की 43 सीटों में से 14 सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगी, जबकि अभी केवल 6 महिला सांसद हैं।
समीकरण में बड़ा फेरबदल
आपको बता दें कि सीटों की संख्या बढ़ने से सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा भी बदल जाएगा। अभी बहुमत के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है, लेकिन 345 सीटें होने पर किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 174 सीटें जीतनी होंगी।
मंत्रियों को जिम्मेदारी
जैसे ही संसद से यह विधेयक पारित होगा, भाजपा और राज्य सरकार पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर महिला शक्ति उत्सव आयोजित करेगी। सीएम मोहन ने मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में सक्रिय रहने और 2011 की जनगणना के आधार पर होने वाले परिसीमन की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
