P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशडिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की सौगात… नए साल में विद्यार्थियों को...

डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की सौगात… नए साल में विद्यार्थियों को संवेदनशील उपहार

दूरी और खर्च की चिंता हुई कम

डिंडौरी /शैलेश नामदेव /खबर डिजिटल/ नए वर्ष 2026 की शुरुआत डिंडौरी जिले के विद्यार्थियों के लिए राहत और भरोसे की सौगात लेकर आ रही है। जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने विद्यार्थियों की रोजमर्रा की कठिनाइयों को समझते हुए एक मानवीय और दूरदर्शी निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को विद्यालय और घर के बीच आने-जाने के लिए बस एवं टैक्सी किराए में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।

आईडी कार्ड बनेगा सहारा
इस नई व्यवस्था के अनुसार छात्र-छात्राएं जिस बस या टैक्सी से यात्रा करेंगे, उस वाहन के कंडक्टर को अपना विद्यालय का परिचय पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने पर उनसे केवल आधा किराया ही लिया जाएगा। इससे रोजाना सफर करने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें किराए की चिंता किए बिना समय पर विद्यालय पहुंचने में सुविधा होगी।

हर रास्ते पर लागू होगी राहत
कलेक्टर भदौरिया ने इस योजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिले में संचालित सभी बस एवं टैक्सी सेवाओं—डिंडौरी से मण्डला, डिंडौरी से जबलपुर, डिंडौरी-अमरकंटक सहित जिले की प्रत्येक सड़क पर इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए वाहन मालिकों और कंडक्टरों को लिखित सूचना जारी की जाएगी, ताकि किसी भी विद्यार्थी को असुविधा या वंचना का सामना न करना पड़े।

गरीब और ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़ी राहत
जिले के दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों से पढ़ाई के लिए रोजाना यात्रा करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह फैसला किसी संबल से कम नहीं है। कई परिवारों के लिए बच्चों का दैनिक यात्रा खर्च एक बड़ी चुनौती रहा है। इस छूट से अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और विद्यार्थियों का पढ़ाई से जुड़ाव मजबूत होगा।

शिक्षा में निरंतरता की ओर मजबूत कदम
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, ड्रॉपआउट की समस्या कम होगी और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। नए साल की शुरुआत में लिया गया यह निर्णय यह संदेश देता है कि जिला प्रशासन न केवल विकास पर, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी छोटी-बड़ी समस्याओं पर भी संवेदनशीलता से ध्यान दे रहा है। कुल मिलाकर, यह पहल डिंडौरी जिले में शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक मानवीय और प्रेरणादायी कदम के रूप में याद रखी जाएगी।

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट