डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ कुपोषण और एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रामीण समाज को मुक्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत ग्राम पंचायत धनुवासागर में फोर्टीफाइड परियोजना अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों के बीच पोषण को लेकर फैली भ्रांतियों को तोड़ते हुए स्वास्थ्य के प्रति नई सोच को जन्म दिया।
अध्यक्षता में हुआ जागरूकता का विस्तार
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला आपूर्ति अधिकारी श्री के.पी.एस. मरावी एवं ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती रामबाई वनवासी ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शासन की यह पहल केवल खाद्यान्न वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज को स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।
फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों की वैज्ञानिक जानकारी
कार्यक्रम में न्यूट्रीशन इंटरनेशनल के संभागीय समन्वयक श्री पवन मुदगल ने ग्रामीणों को फूड फोर्टिफिकेशन की अवधारणा सरल भाषा में समझाई। उन्होंने एनीमिया के कारण, लक्षण और उससे होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आयरन, फोलिक एसिड और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी कैसे महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। उन्होंने डबल फोर्टीफाइड नमक और फोर्टीफाइड चावल के नियमित उपयोग से होने वाले लाभ बताते हुए कहा कि यह खाद्य पदार्थ दैनिक भोजन के माध्यम से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं, जिससे कुपोषण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
भ्रांतियों का किया गया सटीक समाधान
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीणों में व्याप्त भ्रांतियों का निराकरण रहा। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि नमक में दिखाई देने वाले काले दाने आयरन तत्व हैं, न कि कोई अशुद्धि फोर्टीफाइड चावल प्लास्टिक नहीं, बल्कि पोषण से समृद्ध चावल है। विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीणों को फोर्टीफाइड खाद्य सामग्री से बनी खिचड़ी एवं खीर का स्वाद भी कराया गया, जिससे लोगों का संदेह दूर हुआ और स्वीकार्यता बढ़ी।
बड़ी संख्या में जनभागीदारी
कार्यक्रम में 300 से 350 ग्रामीणों की सहभागिता रही। इस दौरान सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती सलोमिना तिरकी, कमला मरावी, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी श्रीमती सविता, सीएचओ श्रीमती दुर्गेश नंदिनी, एएनएम उर्मिला मरावी, बिंदु श्याम, बीएलओ देव सिंह ठाकुर, ग्राम कोटवार कमलेश दहिया, ग्राम पटेल गुलाब सिंह ठाकुर, सह सचिव श्री ओमप्रकाश, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
स्वस्थ भविष्य का मजबूत संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए, तो एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं से स्थायी मुक्ति संभव है। धनुवासागर में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल जानकारी का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्यपूर्ण भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हुआ।


