डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ शाहपुर आदिवासी बाहुल्य अंचल शाहपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के छात्र–छात्राओं ने विद्यालय की दीवारों को अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का कैनवास बनाते हुए चित्रकला का अद्भुत प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से बनाई गई यह चित्रकारी न केवल विद्यालय की शोभा बढ़ा रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए।
गोड़ी कला, पर्यावरण और विज्ञान का जीवंत संगम
छात्र–छात्राओं ने समूह बनाकर विद्यालय की मुख्य दीवारों पर जिले की सांस्कृतिक धरोहर गोड़ी (गोंड) चित्रकला, पर्यावरण संरक्षण और विज्ञान आधारित विषयों को बेहद आकर्षक रंगों और भावों के साथ उकेरा। इन भित्ति चित्रों ने स्कूल परिसर को जीवंत बना दिया है, जिसे देखकर हर आगंतुक ठहरकर निहारने को मजबूर हो जाता है।
पढ़ाई के साथ कला को मिला मंच
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि यदि बच्चों को सही मंच और अवसर मिले, तो उनकी छिपी प्रतिभाएं स्वयं रास्ता बना लेती हैं। विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का यह प्रयास विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल को भी सशक्त कर रहा है।
प्राचार्य की अभिनव सोच
विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद शहीद खान ने बताया कि उनका उद्देश्य है कि विद्यालय आने वाले छात्र–छात्राओं को पढ़ाई के साथ खेलकूद, कला और रचनात्मक गतिविधियों के भरपूर अवसर मिलें। उन्होंने कहा, “हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है। हमने बच्चों को विद्यालय की दीवारों पर चित्रकारी का अवसर देकर उसी प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया है।”
मैदान की आवश्यकता पर भी रखा पक्ष
प्राचार्य ने यह भी बताया कि नवनिर्मित स्कूल भवन में छात्रों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन खेल मैदान का समतलीकरण नहीं होने से बच्चों को खेलने में परेशानी होती है। विद्यालय के सामने उपलब्ध मैदान यदि समतल कर दिया जाए, तो छात्रों को खेलकूद के लिए बेहतर सुविधा मिल सकती है।
प्रेरणा बनी शाहपुर की पहल
शाहपुर विद्यालय में छात्र–छात्राओं द्वारा की गई यह भित्ति चित्रकला न केवल कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है, बल्कि अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत है कि किस प्रकार शैक्षणिक वातावरण में रचनात्मकता को स्थान देकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा दी जा सकती है।


