शैलेश नामदेव/डिंडौरी/खबर डिजिटल/ डिंडौरीजिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। जिला अस्पताल परिसर में ड्राइवर हेल्थ केयर कैंप का आयोजन कर सार्वजनिक और व्यवसायिक वाहनों के करीब 150 से अधिक चालकों की आंखों और स्वास्थ्य की जांच की गई।
एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने किया नेतृत्व
शिविर का नेतृत्व एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने किया। उन्होंने चालकों से संवाद करते हुए कहा कि चालक की आंखों की रोशनी और शारीरिक स्वास्थ्य सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। यदि किसी चालक को शुगर, ब्लड प्रेशर या आंखों की समस्या है तो सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हादसों को रोकने में मददगार साबित होते हैं।
वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण
शिविर में बस, ऑटो, ट्रक और तूफान जैसे व्यवसायिक वाहनों के चालकों का नेत्र परीक्षण, बीपी और शुगर जांच की गई। जांच के बाद जिन चालकों की आंखों की रोशनी कमजोर पाई गई, उन्हें निशुल्क चश्मा देने की प्रक्रिया शुरू की गई। साथ ही सामान्य बीमारियों के लिए मौके पर ही दवाइयां भी वितरित की गईं।
बेहतर तालमेल की दिखी झलक
इस अभियान में परिवहन विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का बेहतर तालमेल देखने को मिला। आयोजन को सफल बनाने में आरटीओ सुरेंद्र गौतम, सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय और ट्रैफिक निरीक्षक सुभाष उईके की अहम भूमिका रही। अधिकारियों ने चालकों को यातायात नियमों के पालन के साथ-साथ नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह भी दी।
चालकों ने दिया धन्यवाद
शिविर में शामिल चालकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। चालकों का कहना था कि व्यस्तता और आर्थिक कारणों से वे समय पर स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते थे, लेकिन इस शिविर से उन्हें बड़ी सुविधा मिली है। प्रशासन का लक्ष्य ऐसे शिविरों के माध्यम से जिले में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को कम करना और सफर को अधिक सुरक्षित बनाना है।


