भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री पारस जैन का सोमवार सुबह इंदौर के ज्यूपिटर अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा नेताओं, सामाजिक संगठनों और उनके समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उज्जैन उत्तर सीट से कई बार रहे विधायक
पारस जैन मध्य प्रदेश की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा थे। वे उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से कई बार विधायक चुने गए और लंबे समय तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
करीब 11 साल तक रहे कैबिनेट मंत्री
पारस जैन ने वर्ष 2005 से 2016 के बीच मध्य प्रदेश सरकार में अलग-अलग विभागों के कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया और प्रदेश सरकार में अहम भूमिका निभाई।
2023 में नहीं मिला था विधानसभा का टिकट
2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। इसके बावजूद वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते रहे और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे।
‘पहलवान’ के नाम से थे प्रसिद्ध
राजनीतिक जीवन के अलावा पारस जैन प्रदेशभर में ‘पहलवान’ के नाम से भी जाने जाते थे। उनकी सादगी, जनसंपर्क और लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण उन्हें भाजपा के प्रमुख नेताओं में माना जाता था। उनके निधन पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया और उनके योगदान को याद किया।
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