हरदा/नौशाद खान/खबर डिजिटल/ जिले में रेत के अवैध उत्खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। हरदा जिले की नर्मदा और गंजाल नदी में बेखौफ अवैध रेत की चोरी की जा रही है, और राजस्व को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। साथ ही नदियों का सीना छलनी करने का भी काम किया जा रहा है, जोकि प्रकृति के साथ सीधे-सीधे खिलवाड़ है।
रेत चोरों की बल्ले-बल्ले
टिमरनी तहसील क्षेत्र में तो लंबे समय से गंजाल नदी पर माफिया रेत चोरी के गोरखधंधे में लगे हुए हैं। बड़ी बात तो ये है कि नर्मदापुरम जिले में रेत ठेकेदार को खदान आवंटित है, लेकिन उसके बाद भी रेत चोरों पर प्रशासन मेहरबान है। जिले के छिदगांव मेल से रेत माफिया प्रतिदिन दर्जनों ट्रॉली नदी से रेत निकाल रहे है, और ऊंचे दामों में बेच रहे है, लेकिन इन रेत चोरों पर माइनिंग विभाग,पुलिस और राजस्व विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जोकि उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
सूत्रों से मिली जानकारी
सूत्रों ने बताया कि सभी जगह पर महीना बंधा हुआ है, जिससे शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती। टिमरनी के एक पटवारी भी चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक पिछले कई दिनों से टिमरनी में एक पटवारी पदस्थ है और रेत माफिया से इनकी अच्छी पैठ बनी है, अगर कोई कार्रवाई करने भी जाता है तो माफिया को सूचना भेज दी जाती है। अभी वर्तमान में इनका दूसरे स्थान पर तबादला भी कर दिया गया है, उसके बाद भी पुराने स्थान का मोह छूट नहीं पा रहा है।
तेजी से वाहन निकालते हैं रेत चोर
ये रेत चोर इतनी तेज गति से वाहन निकालते है कि जिसके कारण ग्रामीण सहित स्कूल के बच्चों को जान का खतरा बना रहता है। मालूम हो कि टिमरनी रहटगांव का प्रशासन और खनिज विभाग रेत चोरों को पकड़ने के लिए मात्र औपचारिकता निभाता है। एक दो ट्रैक्टर पकड़कर कार्रवाई की इतिश्री कर लेता है। वहीं करताना चौकी के सामने से दिनभर ओवर लोड टैक्टर ट्रॉली निकलते हैं। लेकिन इनको रोकना तो दूर चालानी कार्रवाई की बात तो बेमानी है। हालांकि अब खबर आप तक पहुंचाने के बाद क्या कोई कार्रवाई की जाएगी।


