इंदौर में कांग्रेस के भीतर चल रहा अंदरूनी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेश स्तर पर पहले से ही नेताओं के बीच वर्चस्व की खींचतान देखने को मिल रही है, वहीं अब जिला और शहर स्तर पर भी टकराव खुलकर सामने आने लगे हैं. इंदौर में जलसंकट से जुड़ा एक मामला अब पार्टी के भीतर ही बड़ी कलह का कारण बन गया है, जिसके चलते एक वरिष्ठ नेता ने अपने पूरे परिवार के साथ कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया है.
पूरे परिवार के साथ कांग्रेस छोड़ेंगे ये नेता
यह विवाद तब शुरू हुआ जब टैंकर से पानी भरने को लेकर हाइड्रेंट पर कथित तौर पर कर्मचारियों के बीच बहस हो गई. वार्ड 20 की कांग्रेस पार्षद यशस्वी पटेल के ससुर चंद्रशेखर पटेल ने आरोप लगाया कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के कर्मचारी ने टैंकर भरने के बाद हाइड्रेंट बंद कर दिया, जिससे अन्य लोगों को पानी नहीं मिल सका. इस बात पर आपत्ति जताने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया.
चंद्रशेखर पटेल ने वीडियो जारी कर कही ये बात
चंद्रशेखर पटेल ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वीडियो जारी किया और सपरिवार पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी. उनके साथ उनके बेटे अमित, जो युवक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष हैं, और उनकी बहू, जो पार्षद हैं, ने भी पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है. इस फैसले से स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है.
चिंटू चौकसे पर लगाए गए गंभीर आरोप
उन्होंने अपने बयान में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे पर गंभीर आरोप लगाए. पटेल का कहना है कि चौकसे न सिर्फ शहर अध्यक्ष हैं बल्कि नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं, लेकिन वे अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी के भीतर ही ऐसा व्यवहार हो रहा है तो कांग्रेस जनता के मुद्दों पर कैसे मजबूती से लड़ पाएगी.
चंद्रशेखर पटेल ने क्या कहा
चंद्रशेखर पटेल ने कहा कि वे अपने वार्ड के लोगों को किसी तरह पानी उपलब्ध करा लेंगे, लेकिन पार्टी के भीतर ही ऐसी स्थिति होना बेहद निराशाजनक है. उनका कहना था कि एक तरफ कांग्रेस भाजपा से मुकाबला करने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को ही आपसी संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है.
