P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशइंदौरइंदौर के मुक्तिधामों को मिलेगा नया स्वरुप, झोनल अधिकारियों से मांगी जानकारी

इंदौर के मुक्तिधामों को मिलेगा नया स्वरुप, झोनल अधिकारियों से मांगी जानकारी

मुक्तिधामों के विकास के लिए जनता से लिया जाएगा सहयोग

इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ शहर के मुक्तिधामों की स्थिति लगातार दयनीय होती जा रही है, इसको लेकर एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने संज्ञान लिया है। पिछले दिनों उन्होंने मालवा मिल मुक्तिधाम का दौरा किया था। जिसके बाद उन्होंने स्थिति देखकर चिंता जताई, क्योंकि इस जगह पर लोग अपने दुख के समय आते हैं। आत्मा का मुक्ति मिलने का स्थान ही मुक्तिधाम होता है, तो ऐसे में इस स्थान की गरिमा का समझकर विकास की जरुरत है, इन सब बातों को ध्यान में रखकर एमआईसी मेंबर और प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर ने सभी झोनल अधिकारियों को मुक्तिधामों के जीर्णोद्धार के लिए लेटर जारी किया है।

जनसहयोग भी लिया जाएगा
शहर के साथ ही 29 गांवों के श्मशानों की स्थिति जानने के लिए भी एमआईसी मेंबर और प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर ने झोनल अधिकारियों को लेटर जारी किया है। पिछले दिनों हुई परिषद की बैठक में भी श्मशान का मुद्द‌ा उठाया गया था। इसके लिए जनसहयोग भी लिया जाएगा, नगर निगम भी मदद करेगा। साथ ही कमेटियों को गठन करने के साथ काम को मूर्त रुप दिया जाएगा

Letter

लेटर में क्या कुछ खास
एमआईसी मेंबर और प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर ने लेटर में लिखा कि शहर में स्थित वर्षों पुराने मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार किया जाना आ‌वश्यक है। 9 अक्टूबर को आयोजित नगर निगम परिषद सम्मेलन में पार्षदों द्वारा मुक्तिधामों के जर्जर स्थिति की जानकारी दी, उनके जीर्णोद्धार की मांग की है। शहरी क्षेत्र के साथ निगम सीमा में सम्मिलित हुए 29 ग्रामीण क्षेत्र में स्थित मुक्तिधामों में सुधार काम किए जाने आवश्यक है, परिसरों में अव्यवस्थाएं फैली हुई है। इसी प्रकार मालवा मिल मुक्तिधाम की स्थिति दयनीय हो चुकी है। शव दहन स्थलों पर शेड लगाने तथा सभागृहों में सुधार कर नए निर्माण करना जरूरी है। झोनल क्षेत्र के अंतर्गत स्थित मुक्तिधामों में आवश्यकता अनुसार कामों के साथ-साथ जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण के काम के प्रस्ताव बनाकर जनकार्य मुख्यालय में प्रस्तुत किए जाए।

विद्युत शवदाह गृह बने भंगार
सालों पहले शहर में विद्युत शवदाह की शुरुआत की गई थी, जोकि पूरी तरह से जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं, इनमें सबसे खास मालवा मिल मुक्तिधाम भी शामिल है। जिसका जीर्णोद्धार 25 साल पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के महापौर रहते कराया गया था। जहां पर रोजाना सबसे ज्यादा संख्या में शवों को अंतिम संस्कार किया जाता है। जिसके डेवलपमेंट का काम अब शुरु किया जाएगा। साथ ही इसके लिए जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, समाजसेवियों व लोगों की एक कमेटी भी बनाई जाएगी। नगर निगम और जनसहयोग के माध्यम से काम कराया जाएगा।

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट