मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. ग्वालियर की MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. यह कार्रवाई लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़े मामले में की गई है. अदालत के आदेश के बाद अब भिंड पुलिस को वारंट का पालन कर पटवारी को कोर्ट के सामने पेश करने के निर्देश दिए गए हैं.
चुनावी बयान के बाद दर्ज हुआ था मामला
यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान सामने आया था. चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी ने बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी देवाशीष पर भाजपा के साथ सांठगांठ होने का आरोप लगाया था. इस बयान के बाद BSP नेता अशोक गुप्ता ने भिंड जिले के उमरी थाना में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की थी.
समन और जमानती वारंट के बावजूद नहीं हुए पेश
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने जीतू पटवारी को कई बार पेश होने के लिए समन जारी किए थे. बाद में उनके खिलाफ जमानती वारंट भी जारी किया गया, लेकिन वह निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए. लगातार गैरहाजिर रहने के बाद अदालत ने अब उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का फैसला लिया है.
कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने भिंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि हर बार यह रिपोर्ट दी जा रही है कि आरोपी नहीं मिल रहे हैं, जबकि जीतू पटवारी लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आते हैं और उनके बयान मीडिया में भी नियमित रूप से प्रकाशित हो रहे हैं. अदालत ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि कहीं आरोपी को अनुचित संरक्षण तो नहीं मिल रहा.
एसपी को विशेष टीम बनाने के निर्देश
कोर्ट ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वारंट का जल्द से जल्द पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीम गठित की जाए. साथ ही चेतावनी भी दी गई कि यदि इस बार भी गिरफ्तारी वारंट का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई तय की है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन किस तरह करती है और अगली तारीख तक मामले में क्या प्रगति होती है.
