कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आ रही है।यहां खरीदी केंद्र देवरी खरगवां में धान खरीदी के नाम पर किसानों से खुलेआम लूट की जा रही है। किसानों का आरोप है की जिस किसान को सरकार अन्नदाता कहती है, उसी किसान की जेब पर खरीदी केंद्र में डाका डाला जा रहा है।सूत्रों के मुताबिक, किसानों से प्रति क्विंटल 50 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है, वह भी तौल के नाम पर।धान उपार्जन नीति के अनुसार जहां तौल 40.500 किलो ली जानी चाहिए, वहां किसानों से 40.900 किलो तक तौल ली जा रही है, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।इतना ही नहीं, उपार्जन नीति के विपरीत धान को बिना ढाला किए सीधे बोरी से बोरी में पलटा जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।सबसे गंभीर बात यह है कि खरीदी केंद्र पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं है।ना खरीदी प्रभारी, ना नोडल अधिकारी और ना ही सर्वेयर मौके पर दिखाई दिए।ऐसे में जिले का किसान खुद को बेबस और लाचार महसूस कर रहा है और सवाल उठा रहा है कि वह अपनी पीड़ा आखिर किसके सामने रखे।अब बड़ा सवाल यह है कि👉 क्या प्रशासन इस अवैध वसूली पर कार्रवाई करेगा?👉 या फिर अन्नदाता इसी तरह सिस्टम की मार झेलता रहेगा?
धान खरीदी केंद्र में किसानों से खुली लूट, तौल और अवैध वसूली से अन्नदाता बेहाल
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