मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता अब बढ़कर 1,500 रुपये हो चुकी है. हालांकि, इंदौर जिले में योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या लगातार कम हो रही है. पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों में 19,654 महिलाएं मौजूदा लाभार्थी सूची से बाहर हो गई हैं.
आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत में इंदौर जिले में 4 लाख 57 हजार 742 महिलाएं इसका लाभ ले रही थीं. अब यह संख्या घटकर 4 लाख 38 हजार 88 रह गई है. यानी शुरुआत की तुलना में करीब 20 हजार लाभार्थी कम हो चुके हैं.
60 साल की उम्र पूरी होना सबसे बड़ी वजह
लाभार्थियों की संख्या घटने का सबसे प्रमुख कारण महिलाओं का 60 वर्ष की आयु पूरी करना है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कुल 19,654 महिलाओं में से 14,151 महिलाएं केवल उम्र की सीमा पूरी होने के कारण योजना से बाहर हुई हैं.
इसका आंकड़ा हर साल बढ़ता नजर आया है. वर्ष 2024 में 4,040 महिलाएं 60 वर्ष की उम्र पूरी करने के कारण सूची से बाहर हुई थीं. 2025 में यह संख्या बढ़कर 4,961 हो गई, जबकि 2026 में 5,150 महिलाओं की पात्रता उम्र पूरी होने के कारण समाप्त हुई.
इन वजहों से भी हटे लाभार्थियों के नाम
लाभार्थियों की संख्या में कमी सिर्फ उम्र पूरी होने की वजह से नहीं आई है. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार समग्र आईडी से जुड़ी दिक्कत, आधार सत्यापन में परेशानी, मृत्यु और खुद योजना से बाहर होने के कारण भी महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं.
- 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर: 14,151
- समग्र आईडी हटने के कारण: 2,406
- स्वेच्छा से योजना छोड़ने पर: 973
- आधार-समग्र मिलान नहीं होने पर: 903
- मृत्यु के कारण: 763
- आधार से संबंधित कारणों से: 452
इन सभी कारणों को मिलाकर कुल 19,654 महिलाएं मौजूदा लाभार्थी सूची से बाहर हुई हैं.
राशि बढ़ी, लेकिन लाभार्थियों की संख्या कम हुई
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत में पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी. बाद में सरकार ने यह राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दी. यानी प्रत्येक लाभार्थी को मिलने वाली सहायता में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसके बावजूद पात्रता खत्म होने के कारण योजना से जुड़ी महिलाओं की कुल संख्या घट रही है.
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के मुताबिक, जिन महिलाओं की पात्रता समाप्त हो गई है, उनके नाम नियमों के अनुसार लाभार्थी सूची से हटाए गए हैं.
नए पंजीयन बंद होने का भी असर
फिलहाल लाड़ली बहना योजना में नई पात्र महिलाओं के पंजीयन की प्रक्रिया बंद है. यही वजह है कि जब किसी मौजूदा लाभार्थी की पात्रता खत्म होती है, तो उसकी जगह किसी नई महिला को जोड़ने की प्रक्रिया नहीं हो रही है.
इसके विपरीत वृद्धावस्था पेंशन, कल्याणी पेंशन और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में पात्र नए हितग्राहियों को जोड़ने का काम जारी रहता है. ऐसे में लाड़ली बहना योजना की सूची में नए नाम नहीं जुड़ने से कुल लाभार्थियों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है.
मार्च 2023 में शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 मार्च 2023 को शुरू हुई थी. योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है. हालांकि, पात्रता से जुड़े नियमों के कारण समय के साथ लाभार्थी सूची में बदलाव जारी है और इंदौर में इसका असर आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है
