खबर डिजिटल कटनी — शहर के बीचोंबीच बरगवां स्थित लाल पहाड़ी की बेशकीमती सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं की नजर पड़ने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर के निर्देश पर लाल पहाड़ी के सीमांकन और जांच के लिए प्रशासनिक जांच दल गठित किया गया है, जो सात दिनों में रिपोर्ट सौंपेगा।राजस्व विभाग के पुराने अभिलेखों के अनुसार मिसल रिकॉर्ड वर्ष 1906–07 में ग्राम बरगवां के खसरा नंबर 209, रकबा 69.55 एकड़ भूमि को शासकीय पहाड़ के रूप में दर्ज किया गया है। बावजूद इसके, समय के साथ इस भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास बढ़ते गए। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी जमीन के कुछ हिस्से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराए गए।वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 209 के बटांकन के अंतर्गत खसरा नंबर 209/5, रकबा 0.2630 हेक्टेयर (लगभग 28 हजार 300 वर्गफुट) भूमि निजी नाम पर दर्ज पाई गई है। हैरानी की बात यह है कि इस सरकारी पहाड़ी का हिस्सा किस आदेश और किस प्रक्रिया के तहत निजी मद में दर्ज हुआ, इसका स्पष्ट उल्लेख अभिलेखों में नहीं है।हाल ही में लाल पहाड़ी से सटे क्षेत्रों में दोबारा अतिक्रमण की गतिविधियां शुरू होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी द्वारा सीमांकन के लिए चार सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है।जांच दल में शामिल अधिकारीजांच दल में प्र. नायब तहसीलदार हर्ष रामटेके, राजस्व निरीक्षक सी.एस. कोरी, पटवारी धर्मेन्द्र ताम्रकार एवं संदीप गर्ग को शामिल किया गया है। दल द्वारा सीमांकन कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जाएगा और पुराने राजस्व अभिलेखों से मिलान कर यह जांच की जाएगी कि यदि भूमि शासकीय रही है, तो उसे निजी नाम पर दर्ज करने की अनुमति किस स्तर से दी गई।प्रशासन का कहना है कि जांच में अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरगवा स्थित लाल पहाड़ी पर भूमाफिया की नजर, अरबों की सरकारी जमीन की जांच शुरू
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