खबर डिजिटल संवाददाता कटनी– जिले में मनरेगा, जल गंगा संवर्धन अभियान और वाटरशेड जैसी करोड़ों की योजनाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और अधिकारियों की लापरवाही पर जिला पंचायत CEO सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने वर्चुअल समीक्षा बैठक में जमकर नाराजगी जताई।बैठक के दौरान यह साफ हो गया कि कई विकासखंडों में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। निर्माणाधीन और अधूरे कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे, जबकि मजदूरों को रोजगार देने के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। मानव दिवस सृजन के लक्ष्य पूरे करने में भी कई जनपद पंचायतें पिछड़ती नजर आईं।सबसे ज्यादा फजीहत बड़वारा और रीठी विकासखंड की हुई, जहां “वॉश ऑन व्हील” योजना के तहत स्कूलों की डिमांड पोर्टल पर अपलोड करने में बेहद खराब प्रगति सामने आई। मामले को गंभीर मानते हुए CEO ने दोनों बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।समीक्षा बैठक में CEO ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि शासन की प्राथमिकताओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर निगरानी करने के निर्देश दिए और कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा से समझौता नहीं होगा।गौरतलब है कि जिले में जल संरक्षण और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर काम की गति बेहद धीमी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी योजनाओं को लेकर कितने गंभीर हैं।यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में और भी सख्त कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट मो. 9131308097
