भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में किसानों, विद्यार्थियों और MSME उद्यमियों के लिए राहत भरे निर्णय हुए हैं। साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय के लिए भी मोहन सरकार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है।
सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में प्रदेश के सोयाबीन के किसानों को लाभांवित किये जाने के लिए भारत सरकार की प्राईज डिफिसिट पेमेन्ट स्कीम लागू की गई है, जो प्रदेश में भावांतर योजना कहलायेगी। प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजनांतर्गत 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक सोयाबीन का विक्रय, राज्य की अधिसूचित मंडियों में किया जाएगा। प्रदेश की मंडियों में 14 दिवस के सोयाबीन के विक्रय मूल्य के वेटेज औसत के आधार पर सोयाबीन के मॉडल रेट की गणना की जाएगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य से विक्रय दर/मॉडल रेट अंतर की राशि पंजीकृत कृषकों के पोर्टल पर दर्ज बैंक खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की जाएगी। एमएसपी 5 हजार 238 रूपये है।
पेंशनर और परिवार पेंशनर को देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि
मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के शासकीय पेंशनरों परिवार पेंशनरों को देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। राज्य के पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को वर्तमान में देय मंहगाई राहत सातवें वेतनमान अंतर्गत 53 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 246 प्रतिशत में 1 सितम्बर 2025 (भुगतान माह अक्टूबर, 2025) से वृद्धि की जाकर कुल मंहगाई राहत सातवें वेतनमान अंतर्गत 55 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 252 प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया गया हैं। शासकीय पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को मंहगाई राहत में वृद्धि करने पर राज्य के कोष पर इस वितीय वर्ष में लगभग 170 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। छत्तीसगढ़ शासन के पत्र 25 अगस्त 2025 के अनुक्रम में सहमति प्रदान किये जाने के लिए निर्णय लिया गया है।
कोदो-कुटकी के लिए समर्थन मूल्य तय
राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी की खरीद के लिए दाम तय किए हैं। कुटकी 3 हजार 500 रुपये प्रति क्विंटल और कोदो का दाम 2 हजार 500 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। ये दोनों ही फसलें मिलेट्स की श्रेणी में आती हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि श्री अन्न फेडरेशन कोदो-कुटकी की मार्केटिंग का कार्य करेगा, ताकि उत्पादक किसानों को उचित मूल्य मिल सके। इसके लिए फेडरेशन को वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।
विद्यार्थियों को 1000 रुपए की सहायता
कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदाय के वे विद्यार्थी जो कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत हैं, उन्हें 1 हजार रुपए तक की सहायता राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है।
रेशम समृद्धि योजना को मंजूरी
बैठक में रेशम समृद्धि योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत राज्य में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने और बुनकरों को आर्थिक सशक्तिकरण का मौका मिलेगा।
MSME को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
कैबिनेट ने MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) को प्रोत्साहन देने के लिए ₹105 करोड़ की मंजूरी दी है। इसमें 30% राशि राज्य सरकार की ओर से और शेष राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होगी। यह राशि उद्योगों के विस्तार, तकनीकी उन्नयन और रोजगार सृजन में मदद करेगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को लाभ, युवाओं को अवसर और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिले।


