मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत आसपास के जिलों में बीते दो दिनों से झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। जिसके चलते भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल, उज्जैन, ग्वालियर संभाग के जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया और अशोकनगर जिलों में बारिश की चेतावनी दी है।
इधर, नर्मदापुरम क्षेत्र में लगातार झमाझम बारिश से नदी-नालों में उफान आ गया है। इटारसी में तवा बांध के तीनों गेट खोल दिये गए हैं। कैचमेंट एरिया में जारी लगातार तेज बारिश से तवा बांध के तीन गेट खोले गए हैं। इस मानसून में यह पहला मौका है जब बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।
मौसम विभाग द्वारा आगामी 24 घंटे में कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र पचमढ़ी, मटकुली एवं सीमावर्ती जिलों में हो रही निरंतर वर्षा से बांध में जल की बढ़ती आवक को देखते हुए बांध के 3 गेट को 3-3 फीट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए तवा एवं नर्मदा तटीय इलाकों में बसे गांव में अलर्ट जारी किया है।
बीते 24 घंटों में भोपाल सहित ऊपरी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के कारण बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मप्र और उप्र की संयुक्त परियोजना राजघाट बांध का जलस्तर बढ़ गया है। गुरुवार को जहां दिन भर 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था लेकिन बांध का जलस्तर बढ़ा तो रात को 8 बजे के बाद 12 गेटों को खोल दिया गया। बेतवा रिवर बोर्ड द्वारा संचालित इस बांध के गेटों से पानी अधिक निकालते ही आवागमन बंद हो गया।


