भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में इन दिनों अधिकारियों की नजर रोजाना मंत्रालय पर ही टिकी रहती है, क्योंकि लगातार हो रही प्रशासनिक सर्जरी के बाद कभी भी कोई आदेश जारी किया जा सकता है, इसीलिये अधिकारी भी अपडेट लेते रहते हैं कि किस जिले में वो कितने दिन तक हैं। ऐसे में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी में फेरबदल के बाद एक और फेरबदल की सुगबुगाहट शुरु हो गई है। जिसमें सबसे ऊपर इंदौर, भोपाल और शहडोल कलेक्टर समेत आईएएस अवि प्रसाद के तीसरी शादी के मुद्दे का असर भी दिखाई दे सकता है।
इन तीन जिलों में लगभग फेरबदल तय
मध्यप्रदेश में SIR खत्म होते ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल एक बार फिर से दिखाई देगा। इनमें इंदौर_कलेक्टर शिवम वर्मा को हटाए जाने की चर्चा तेज है, हालांकि इसके पीछे प्रमोशन तो वजह है ही, लेकिन इंदौर जलकांड भी अंदरखानों में छिपा है।इसी तरह भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का तबादला लगभग तय माना जा रहा है, उनका भी प्रमोशन हो चुका है, परंतु स्लाटर हाउस में गौमांस मिलने की घटना को भी प्रमुखता से बताया जा रहा है। वहीं शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह लाठीचार्ज विवाद में घिरे हुए हैं, सीएम डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान हुए विवाद का असर अब ट्रांसफर के रुप में दिखाई दे सकता है।

IAS अवि प्रसाद की तीसरी शादी ने सबको चौंकाया
आईएएस अधिकारी देश के अधिकारी तंत्र का सबसे अंतिम बिंदु माना जाता है, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वो सामाजिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने का काम करे, लेकिन जिस तरह के IAS अवि प्रसाद ने एक के बाद एक तीन शादियां करके सबको चौंका दिया, वो सामाजिक दायरों की सीमा को लांघता नजर आ रहा है,वो भी पदों पर रहते, और तो और उनकी सभी पत्नियां भी IAS अधिकारी ही हैं, उनकी दोनों पूर्व पत्नियां भी वर्तमान में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कलेक्टर के पद पर तैनात हैं। अवि प्रसाद ने अब मंत्रालय में कार्यरत आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे के साथ तीसरी शादी की है। वे मध्य प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर रह चुके हैं और वर्तमान में राज्य रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद पर कार्यरत हैं। वहीं पूर्व पत्नियां ऋजु बाफना शाजापुर कलेक्टर और मिशा सिंह रतलाम की कलेक्टर हैं।


