मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है. दावा किया जा रहा है कि यह ऑडियो इछावर तहसील के दिवड़िया गांव में पदस्थ पटवारी ऋषि यादव का है. हालांकि अब तक इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है.
ऑडियो में अभद्र भाषा और नेताओं पर टिप्पणी का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित ऑडियो में संबंधित पटवारी को आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुना जा रहा है. आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्होंने न केवल अभद्र शब्दों का प्रयोग किया, बल्कि कुछ जनप्रतिनिधियों और नेताओं को लेकर भी विवादित टिप्पणियां कीं. इसी वजह से मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. बताया जा रहा है कि पटवारी पर पहले से ही रिश्वत लेने के बावजूद काम नहीं करने के आरोप लगाए जा रहे थे. इसी सिलसिले में जब एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने उनसे सवाल किया, तो बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया. वायरल ऑडियो में कथित तौर पर पटवारी को अपना प्रभाव दिखाते हुए और किसी से नहीं डरने जैसी बातें कहते हुए सुना जा सकता है.
स्थानीय नेता को दी कथित धमकी
दावे के अनुसार ऑडियो में भाजपा के एक स्थानीय नेता और जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि के साथ बातचीत भी रिकॉर्ड है. इसमें पटवारी कथित रूप से कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह किसी राजनीतिक व्यक्ति या बड़े नेता के दबाव में आने वाले नहीं हैं. साथ ही बातचीत के दौरान कुर्ता-पायजामा पहनकर रौब दिखाने जैसी टिप्पणी भी सुनाई देती है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
जांच की मांग, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
वायरल ऑडियो में एक जगह पटवारी खुद को अनुभवी बताते हुए “घाट-घाट का पानी पीने” जैसी बात भी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं. इस कथित बातचीत के बाद स्थानीय लोगों के बीच प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि अभी तक संबंधित प्रशासन या सरकार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी ऑडियो या वीडियो की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकती है. फिलहाल इस कथित ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है.
