Monday, November 2, 2026
Homeमध्यप्रदेशMarriage Ban in MP Villages: मध्यप्रदेश के 100 से ज्यादा गांवों में...

Marriage Ban in MP Villages: मध्यप्रदेश के 100 से ज्यादा गांवों में शादी पर रोक, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

मध्यप्रदेश के एक गांव की ऐसी परंपरा सामने आई है, जिसने कई परिवारों की खुशियों पर विराम लगा दिया है. शहर के पास स्थित टकनेरी गांव में पिछले करीब डेढ़ साल से किसी भी घर में शादी नहीं हुई है. यहां की मान्यता है कि यदि गांव में हत्या या कोई बड़ी अप्रिय घटना हो जाए, तो तब तक कोई भी मांगलिक कार्यक्रम नहीं किया जाता, जब तक आरोपी पक्ष के परिवार में शादी न हो जाए. करीब डेढ़ साल पहले गांव में एक महिला की हत्या हुई थी. इसके बाद से गांव में शादी-ब्याह समेत सभी शुभ कार्य बंद हैं. इस परंपरा का असर अब गांव के कई परिवारों पर साफ दिखाई दे रहा है.

गरीब परिवारों के सामने सबसे बड़ी परेशानी

टकनेरी गांव में ब्राह्मण, रघुवंशी, यादव, अहिरवार समाज के साथ बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार भी रहते हैं. आर्थिक रूप से मजबूत परिवार तो शहर में मैरिज गार्डन या हॉल बुक कर शादी कर लेते हैं, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह आसान नहीं है. जिन लोगों के पास अतिरिक्त खर्च उठाने की क्षमता नहीं है, उन्हें गांव की सीमा से बाहर किसी दूसरे गांव या कस्बे में शादी का आयोजन करना पड़ रहा है. इससे उनके खर्च में भी बढ़ोतरी हो रही है और अपनी बेटी को अपने घर से विदा करने का सपना भी अधूरा रह जाता है.

बेटी की शादी के लिए गांव छोड़ना पड़ा

इस परंपरा का ताजा उदाहरण मेहरबान सिंह का परिवार है. सोमवार को उनकी बेटी की शादी थी. परिवार चाहता था कि बेटी की विदाई अपने घर और गांव से हो, लेकिन परंपरा के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका. आखिरकार उन्हें पंवारगढ़ जाकर शादी का आयोजन करना पड़ा. बताया जा रहा है कि इस शादी सीजन में टकनेरी के करीब 9 से 10 परिवार गांव से बाहर जाकर अपने बच्चों की शादी कर चुके हैं. गांव में शादी की तैयारियों की जगह अब सन्नाटा पसरा हुआ है.

100 से ज्यादा गांवों में जारी है यह परंपरा

यह समस्या सिर्फ टकनेरी तक सीमित नहीं है. जिले के 100 से ज्यादा गांवों में आज भी ऐसी ही परंपरा निभाई जा रही है. किसी हत्या या गंभीर घटना के बाद गांव में लंबे समय तक शादियां और अन्य शुभ कार्यक्रम रोक दिए जाते हैं. इस वजह से कई परिवारों को दूसरे गांवों, शहरों या धर्मशालाओं में शादी करनी पड़ती है. समय बदलने के बावजूद यह परंपरा आज भी कई ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए बड़ी सामाजिक और आर्थिक चुनौती बनी हुई है.

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट