भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। कई जिलों में किसान समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की मांग कर रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य को देश में सबसे अधिक मूंग खरीदी का कोटा पहले ही दिया जा चुका है। ऐसे में पहले तय लक्ष्य पूरा किया जाए, उसके बाद ही अतिरिक्त कोटे पर विचार किया जाएगा।
16 जुलाई तक सिर्फ 2 प्रतिशत मूंग की खरीदी
केंद्र सरकार के अनुसार, मध्य प्रदेश को इस साल 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदने की मंजूरी मिली है। लेकिन 16 जुलाई 2026 तक केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की ही खरीदी हो सकी है। यह कुल स्वीकृत लक्ष्य का करीब 2 प्रतिशत है। इस दौरान लगभग 12 हजार किसानों से ही मूंग खरीदी गई।
मुख्यमंत्री के पत्र का दिया जवाब
शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई 2026 को मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि फिलहाल पहले से मंजूर लक्ष्य की खरीदी पूरी करना जरूरी है। उसके बाद ही अतिरिक्त मात्रा की मंजूरी पर नियमों के अनुसार फैसला लिया जा सकता है।
नियमों के तहत तय होती है खरीदी
केंद्र सरकार ने पत्र में बताया कि मूल्य समर्थन योजना (PSS) के नियमों के अनुसार तूर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद की जा सकती है। जबकि अन्य अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही की जा सकती है। इसलिए पहले स्वीकृत लक्ष्य पूरा करना जरूरी है।
पिछले साल लाखों किसानों को मिला था लाभ
पत्र में पिछले साल के आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया है। ग्रीष्मकालीन 2024-25 में मध्य प्रदेश के लिए 4,19,692 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की मंजूरी दी गई थी। इसके मुकाबले 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई। किसानों को 3,413.10 करोड़ रुपए का MSP भुगतान हुआ और 1,22,776 किसानों को इसका लाभ मिला।
सोयाबीन योजना का भी किया जिक्र
केंद्र सरकार ने अपने पत्र में सोयाबीन का उदाहरण भी दिया। वर्ष 2025-26 में भावांतर भुगतान योजना (PDPS) के तहत मध्य प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन स्वीकृत की गई थी। इसके लिए 1,093.13 करोड़ रुपए जारी किए गए, जिससे 7,10,257 किसानों को लाभ मिला।
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