मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से किसानों और विस्थापित परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. केन-बेतवा लिंक परियोजना और अजयगढ़ की रुंझ-मझगांय परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. वर्ष 2024 की नई पुनर्वास नीति के तहत तैयार किए गए मुआवजा प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई है. इस फैसले के बाद प्रभावित परिवारों को पहले की तुलना में कहीं अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी.
प्रत्येक पात्र परिवार को मिलेंगे 12.50 लाख रुपये
पन्ना विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि नए सर्वे के आधार पर पात्र पाए जाने वाले प्रत्येक विस्थापित परिवार को 12 लाख 50 हजार रुपये की पुनर्वास सहायता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे किसानों और आदिवासी परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.
उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य केवल मुआवजा देना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना भी है. नई नीति लागू होने से हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
लंबे आंदोलन के बाद मिली राहत
इन परियोजनाओं से प्रभावित किसान और आदिवासी लंबे समय से बेहतर मुआवजा और पुनर्वास की मांग कर रहे थे. कई बार आंदोलन और विरोध प्रदर्शन भी किए गए, क्योंकि पहले सरकार की ओर से प्रति परिवार केवल 5 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान किया गया था. प्रभावित लोगों का कहना था कि यह राशि उनके नुकसान और पुनर्वास के लिए पर्याप्त नहीं है. लगातार उठ रही मांगों और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद सरकार ने पुनर्वास नीति में बदलाव करते हुए सहायता राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया. अब नई नीति के तहत मिलने वाली 12.50 लाख रुपये की सहायता से विस्थापित परिवारों को नए स्थान पर बसने और जीवन की नई शुरुआत करने में मदद मिलेगी.
पुनर्वास प्रक्रिया को मिलेगी नई गति
सरकार का मानना है कि संशोधित पुनर्वास नीति से परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा. साथ ही केन-बेतवा लिंक परियोजना और अन्य विकास कार्यों को भी गति मिलेगी. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे किसान हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया है.
