भोपाल। मध्यप्रदेश में जून 2026 में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव आयोग जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी कर सकता है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कांग्रेस की चिंता बढ़ती जा रही है। पार्टी को डर है कि यदि कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं या मतदान से दूर रहते हैं, तो उसके हाथ से तीसरी राज्यसभा सीट निकल सकती है।
राज्यसभा सीटों का गणित क्या कहता है?
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर दो राज्यसभा सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है। तीसरी सीट पर कांग्रेस की दावेदारी मजबूत दिख रही है, लेकिन इसके लिए पार्टी को अपने सभी विधायकों को एकजुट रखना होगा।
दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता शून्य होने के बाद विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 64 रह गई है। वहीं विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है, लेकिन वे राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे।
निर्मला सप्रे को लेकर कांग्रेस असमंजस में
बीना से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित विधायक निर्मला सप्रे को लेकर पार्टी की चिंता सबसे ज्यादा है। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान और उसके बाद वे कई बार BJP के कार्यक्रमों में नजर आ चुकी हैं। हालांकि सप्रे का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उनके खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे संपर्क कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने का अनुरोध किया है।
कांग्रेस के पास सिर्फ 4 अतिरिक्त वोट
यदि मुकेश मल्होत्रा और निर्मला सप्रे को समीकरण से बाहर माना जाए, तो कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से केवल चार वोट अधिक बचते हैं। ऐसे में चार विधायक भी पार्टी लाइन से हटते हैं तो कांग्रेस की तीसरी सीट खतरे में पड़ सकती है।
विधायकों पर गुपचुप नजर
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने संभावित क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए कुछ विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। दूसरे राज्यों में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए क्रॉस वोटिंग के अनुभव को देखते हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट का मुकाबला फिलहाल कांग्रेस के पक्ष में दिख रहा है, लेकिन अंतिम परिणाम काफी हद तक पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर निर्भर करेगा।
