भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने की तरफ कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी तरफ बड़ा कदम आगे बढ़ा दिया है। उन्होंने शासकीय अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी से जुड़ी समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने 1 हजार 832 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इन पदों के लिए कुल 3 हजार 925 उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के अगले चरण यानी साक्षात्कार के लिए सूचीबद्ध किया गया। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार इंटरव्यू 27 जनवरी से आरंभ होंगे और इन्हें अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने की योजना बना ली गई है।
सामान्य चिकित्सकों की संख्या अपर्याप्त
मध्यप्रदेश में लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों और जिला अस्पतालों में विशेषज्ञों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही थी, जिसके कारण मरीजों के इलाज में काफी परेशानी आ रही थी। वहीं अब एमपीपीएससी के माध्यम से प्रस्तावित नियुक्तियों के बाद जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक चिकित्सकों की तैनाती में इजाफा होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं तो मिलेंगी ही, विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की संभावना है।
अस्पताल प्रबंधक भर्ती परीक्षा का परिणाम किया जारी
स्वास्थ्य व्यवस्था सुधाने की तरफ सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार का पूरा ध्यान है, जिसके तहत मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने अस्पताल प्रबंधक भर्ती परीक्षा के तहत 68 पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों को आगे साक्षात्कार चरण के लिए बुलाया गया है।जिसकी प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने वाली है। प्रशासनिक स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पताल प्रबंधकों की तैनाती से सरकारी अस्पतालों में संचालन व्यवस्था, संसाधनों के बेहतर उपयोग और रोगी सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।


