खंडवा/हरेंद्रनाथ ठाकुर/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में डूबने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। मंगलवार को फिर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब उत्तर प्रदेश के मथुरा से ओंकारश्वर दर्शन करने आए दो युवक नर्मदा में डूब गए। दोनों की तलाश में गोताखोरों की टीम देर शाम तक नदी में तलाश करती रही, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
थाना प्रभारी ने दी जानकारी
मांधाता थाना प्रभारी जगदीश सिंधिया ने बताया की मथुरा से आए आकाश और तुषार ओंकारेश्वर दर्शन करने पहुंचे थे। दोनों युवक मंगलवार सुबह ब्रह्मपुरी घाट पहुंचे, जहां नहाते समय यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले आकाश नहाते हुए नदी के गहरे हिस्से में चला गया और तेज बहाव में बहने लगा। उसे डूबता देख तुषार ने अपने दोस्त को बचाने के लिए छलांग लगा दी, लेकिन वह भी नर्मदा की प्रचंड धारा में समा गया। देखते ही देखते दोनों पानी में ओझल हो गए।
सर्च ऑपरेशन जारी
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने तुरंत शोर मचाकर मदद के लिए आवाज लगाई। सूचना मिलते ही होमगार्ड और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और सुबह 11 बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घंटों की मशक्कत के बाद भी शाम तक दोनों युवकों का कोई पता नहीं चल सका। फिलहाल गोताखोरों की टीम अंधेरा होने तक नदी में तलाश में जुटी रही।
मथुरा के रहने वाले हैं युवक
मांधाता पुलिस ने घाट पर मिले दोनों युवकों के पहचान पत्र जब्त कर लिए हैं और उनके आधार पर परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक पहली बार ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आए थे, जोकि मथुरा के रहने वाले हैं।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
इससे दो दिन पहले ही पुणे से आए एक दंपति नर्मदा में डूब गए थे। मृतकों की पहचान प्रवीण और सुनंदा के रूप में हुई थी। उनके परिजन ओंकारेश्वर पहुंचकर अंतिम संस्कार कर लौट चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन के दावे फिर हुए खोखले
हर बार जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा नर्मदा घाटों पर सुरक्षा बढ़ाने और बैरिकेडिंग लगाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हादसे लगातार जारी हैं। श्रद्धालुओं को गहरे पानी से दूर रखने के लिए पर्याप्त चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं और न ही हर घाट पर प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी व्यवस्था की गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि घाटों पर सुरक्षा घेरे और निगरानी टीमों की संख्या बढ़ाई जाए, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि सर्च ऑपरेशन जारी है और हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं।
लोगों ने सोशल मीडिया पर खंडवा जिला प्रशासन की की खिंचाई
ओंकारेश्वर में लगातार हो रहे डूबने की घटनाओं को लेकर के स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर ओंकारेश्वर एसडीएम के साथ-साथ खंडवा जिला प्रशासन की भी जमकर खींचाई की है। लोगों का कहना है एक तरफ ममलेश्वर लोग का निर्माण कार्य किया जा रहा है वही छोटी सी व्यवस्था प्रशासन द्वारा संभाले नहीं जा रही है जिससे हर रोज लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं।


