रीवा/अरविन्द तिवारी, खबर डिजिटल। पथरिया के ररूआ गावँ का एक विवादित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक गर्मी बढ़ गई है। ऑडियो में ग्राम पंचायत सचिव निरंकार सिंह और एक हितग्राही के बीच कड़े शब्दों और गाली-गलौज का अंश सुना जा सकता है। विवाद का आरम्भ तब हुआ जब हितग्राही ने पूछा कि उसका नाम समग्र आईडी (समग्र ID) सूची से क्यों हटाया गया — इस सामान्य प्रश्न पर सचिव ने गुस्से में आकर आततायी भाषा और धमकियाँ दीं।
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हितग्राही ने सचिव से यह भी पूछा कि क्या KYC कराना अनिवार्य है और अगर है तो ग्राम स्तर पर पहले सूचना दिए जाने के बाद ही नाम हटाना चाहिए। इसके जवाब में सचिव ने गाली देते हुए कहा कि “मुझे कानून सिखाते हो — जूता से मारूंगा” — ऐसा आशंकाजनक और अनुचित बयान वायरल ऑडियो में दर्ज है। इस तरह की भाषा और व्यवहार एक लोकसेवक के नाते निंदनीय है, और ग्राम वासियों में आक्रोश का विषय बना हुआ है।
वायरल ऑडियो के मद्देनज़र गाँव के लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से संज्ञान लेकर उचित जांच और कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में सरकारी कर्मचारियों के कदाचार पर स्पष्ट संदेश भेजा जा सके। पिछले कुछ महीनों में रीवा जिले में वायरल हुए ऑडियो/वीडियो घटनाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जाँच और कार्रवाई के उदाहरण सामने आये हैं, इसलिए स्थानीय लोग त्वरित सतर्कता और निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई KYC/सूचना-प्रक्रिया आवश्यक है तो पंचायत स्तर पर लिखित सूचना और आख़िरी मौका देने के बाद ही किसी का नाम हटाया जाना चाहिए। अन्य लोग कहते हैं कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और सम्मान दोनों आवश्यक हैं — अधिकारी हितग्राही के साथ इस तरह की बातचीत बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
खबर डिजिटल की रिपोर्ट के माध्यम से निवेदन है कि रीवा जिला प्रशासन मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करें; यदि नियमों का पालन नहीं हुआ है तो समुचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
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