सागर/हर्षित पाण्डेय/खबर डिजिटल/ लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट पर आस्था और श्रद्धा के साथ स्वच्छता का समागम तब देखने मिला, जब सूर्य षष्ठी 2025 यथा छठ पूजा 2025 का चार दिवसीय अनुष्ठान दिनांक 28 अक्टूबर को अपने समापन की ओर था। मंगलवार की सुबह-सुबह सूर्य निकलने और छठ व्रतियों द्वारा सूर्य पूजन के बाद नगर निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री की अगुवाई में सफाईमित्रों और स्थानीय नागरिकों ने मिलजुल कर सफाई अभियान को अंजाम दिया। छठ घाटों से फूल-पत्ती आदि विसर्जित सामग्री, फलों के छिलके सहित अन्य कचरा एकत्रित किए और कचरा गाड़ी के माध्यम से कचरा उठाकर 1 घंटे में झील के किनारे घाटों की सफाई सुनिश्चित की।
निगमायुक्त ने लगाई झाड़ू, स्वच्छता का दिया संदेश
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने स्वयं अपने हाथों से झील के पानी सहित आस-पास घाट पर एकत्रित विसर्जन सामग्री उठाकर कचरा गाड़ी में रखी, और झाडू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने निगम के सफाईमित्रों और नागरिकों के साथ चकराघाट सहित झील किनारे सफाई करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने हिस्से की स्वच्छता सुनिश्चित करने का संकल्प ले और प्रतिदिन साफ सफाई करने की आदत बना ले, तो वो दिन दूर नहीं होगा। जब सागर प्रदेश और देश में ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता में नंबर-1 होगा। उन्होंने कहा की सनातन परम्पराओं में जल, पावक(अग्नि), क्षितिज(आकाश), धरा(पृथ्वी)और समीरा(वायु) को विभिन्न त्योहारों के दौरान पूजने का महत्व है। प्रकृति के प्रत्येक अंग का अपना महत्व है, जैसे चकरा घाट पर पिछले 4 दिनों से चल रहे छठ पूजा अनुष्ठान के दौरान ढलते सूरज को अर्ग देने के साथ व्रत का आगाज और उगते सूरज की पूजन पश्चात व्रत का समापन हुआ।
छठ पर्व की बताई महिमा
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने कहा कि यह बिहारी समाज और छठ पर्व को मानने वालों के लिए बड़ी आस्था और श्रद्धा का महापर्व है। 1 घंटे के इस सफाई अभियान में मेरे साथ बिहारी समाज और अन्य नागरिकों ने मिलकर घाटों की सफाई की और अपने शहर की स्वच्छता के प्रति जागरूक नागरिक होने की जिम्मेदारी निभाई, मैं सभी को इस महापर्व और सफाई के इस सहयोग हेतु शुभकामनायें देता हूं। इसके साथ ही उन्होंने कहा की किसी भी उत्सव में बड़े स्तर पर प्रसादी वितरण की जाती है, सभी कार्यों के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक, डिस्पोजल सामग्री का उपयोग न करें। नागरिक सदैव पुनरूपयोगी सामग्री जैसे स्टील प्लेट, कटोरी, ग्लास का उपयोग करें, अन्यथा पत्ते से बने दोना, पत्तल का उपयोग करें।
सफाई व्यवस्थाओं की जमकर सराहना
चकराघाट छठ पूजा समिति की सदस्या ने लाखा बंजारा झील किनारे घाटों के सुंदर निर्माण और साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि हमने 7 वर्ष पहले बहुत छोटे रूप में यहां छठ पूजन का कार्यक्रम प्रारम्भ किया था। तब इतनी अच्छी व्यवस्थाएं नहीं थी, न ही ऐसे घाट थे, हम सब स्वयं जलकुम्भी कचरा आदि हटाकर पूजन के लिए जगह बनाते थे। आज इस झील के सौन्दर्यीकरण से हमें बड़ा सहयोग मिला है, जिसके लिए व्यवस्थापकों का धन्यवाद।


