भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ले ली। प्रदेश में इस समय तीन सिस्टम एक्टिव हैं — साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ट्रफ लाइन और डिप्रेशन। इनकी वजह से राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश का मौसम इसी तरह अस्थिर बना रहेगा।
11 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
मध्यप्रदेश के बाकी जिलों — भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और जबलपुर संभागों में हल्की बारिश, आंधी और बिजली चमकने के आसार हैं। हल्की बारिश देखी जा सकती है। जिसके कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें है।
‘मोंथा’ तूफान का असर भी दिखेगा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर में सक्रिय ‘मोंथा’ तूफान का असर भी मध्यप्रदेश तक पहुंचेगा। इसकी वजह से 29, 30 और 31 अक्टूबर को कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की स्थिति बनेगी।
किसानों और यात्रियों के लिए सलाह
खेतों में कटाई या गहाई का काम कुछ दिनों के लिए टाल दें। खुले क्षेत्रों में मोबाइल चार्जिंग या पेड़ों के नीचे खड़े न हों, क्योंकि बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया गया है। यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य चेक करें। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि नवंबर की शुरुआत तक बारिश का असर प्रदेश में बना रह सकता है।


