सागर/हर्षित पाण्डेय/खबर डिजिटल/ सदियों पुरानी लोक-आस्था और परंपरा के प्रतीक श्री देव खंडेराव महाराज का अग्नि मेला आज से विधिवत प्रारंभ हो गया। मंदिर प्रांगण में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। पहले दिन ही हजारों भक्तों ने अग्निकुंड और मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस वर्ष अग्नि मेला 26 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित होगा। नगर में पिछले कई दिनों से चल रही तैयारियां अब पूर्ण हो चुकी हैं और पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण है।
अग्नि कुंड पर लगाएंगे दौड़
अग्नि मेला में इस वर्ष भी आस्था, विश्वास और साहस का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।10 दिनों तक चलने वाले इस मेले में लगभग 1300 श्रद्धालु धधकते अग्निकुंड पर निडर होकर आस्था की दौड़ लगाएंगे। लगभग 400 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में भक्त तपते अग्निकुंड से बिना किसी चोट या जलन के सुरक्षित बाहर निकलते हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है “जब आस्था साथ हो, तो धधकते अंगारे भी फूलों सा स्पर्श देते हैं।”
आस्था और विश्वास का संगम
सागर से 65 किमी दक्षिण और नरसिंहपुर से 75 किमी उत्तर स्थित देवरी का यह प्राचीन मंदिर मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान है।अगहन माह में लगने वाला यह मेला चंपा षष्ठी से पूर्णिमा तक चलता है।मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त नंगे पैर धधकते अंगारों पर चलकर भगवान खंडेराव महाराज को धन्यवाद अर्पित करते हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार इस वर्ष 135 अग्निभट्टियां तैयार की गई हैं।प्रतिदिन 100–125 श्रद्धालु अग्निकुंड से गुजरेंगे और पूर्णिमा तक यह संख्या 1300 तक पहुंचने की संभावना है।
