सिवनी/ राकेश यादव/ खबर डिजिटल/ समाज में गहरी जड़ें जमा चुकी बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक विशेष पहल की है। विभाग के सहयोग से शहर के प्रमुख स्थलों छिंदवाड़ा चौक और शनि मंदिर के सामने- नुक्कड़ नाटक का मंचन कर नागरिकों को जागरूक किया गया।
कला के जरिए दिखाई कुरीति की कड़वी सच्चाई
कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से बाल विवाह के दूरगामी और घातक दुष्परिणामों को जीवंत किया। नाटक के जरिए यह संदेश दिया गया कि कम उम्र में विवाह न केवल एक बालिका की शिक्षा की राह में बाधा बनता है, बल्कि उसके स्वास्थ्य पर भी गंभीर संकट पैदा करता है। कम उम्र में मां बनने और जिम्मेदारी का बोझ पड़ने से बेटियों का मानसिक और शारीरिक विकास पूरी तरह बाधित हो जाता है।
कानूनी प्रावधानों और सामाजिक उत्तरदायित्व पर चर्चा
जागरूकता अभियान के दौरान टीम ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर दंड का कड़ा प्रावधान है। कार्यक्रम में मौजूद वन स्टॉप सेंटर और गूंज संस्थान के सदस्यों ने लोगों को प्रेरित किया कि यदि वे अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह होते देखें, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग या हेल्पलाइन नंबरों पर दें।
सशक्तिकरण ही उज्ज्वल भविष्य का आधार
इस आयोजन का मूल मंत्र बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण रहा। उपस्थित नागरिकों और युवाओं को समझाया गया कि बेटियों को पढ़ाना-लिखाना ही उनके सुरक्षित भविष्य की असली कुंजी है। स्थानीय निवासियों ने विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए मांग की है कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में भी निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए ताकि इस कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव हो सके।
