मध्यप्रदेश के सीहोर में केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के दौरान राजनीतिक हलचल तेज हो गई. किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और उनके काफिले को रास्ते में रोककर विरोध जताया. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा खाद की कमी, महंगे बीज और फसल बीमा से जुड़ी परेशानियां रहीं. जैसे ही शिवराज सिंह चौहान का काफिला सीहोर से होकर गुजरा, पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “जय जवान, जय किसान” के नारे लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खरीफ सीजन के बीच किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है. इसके अलावा बीज की बढ़ती कीमतों और फसल बीमा की दिक्कतों ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
शिवराज सिंह चौहान ने अपना काफिला रुकवाया
विरोध को देखते हुए शिवराज सिंह चौहान ने अपना काफिला रुकवाया और खुद वाहन से उतरकर प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे. उन्होंने सभी से बातचीत की, हाथ मिलाया और माहौल को शांत करने का प्रयास किया. इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए “आओ गले लगो” कहा, जिससे कुछ देर के लिए माहौल में नरमी देखने को मिली. इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों की बातें ध्यान से सुनीं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की. कांग्रेस नेताओं ने इस मौके पर केंद्रीय मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा. ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई इलाकों में खाद की उपलब्धता ठीक नहीं है. किसानों को खाद लेने के लिए ऑनलाइन बुकिंग में सर्वर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती होने से सिंचाई और खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है. नेताओं ने सरकार से इन सभी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की ताकि खरीफ की बुवाई समय पर पूरी हो सके और किसानों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े.
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की चिंताओं को बताया गंभीर
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की चिंताओं को गंभीर बताते हुए भरोसा दिलाया कि प्रदेश में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और जरूरत के अनुसार सभी जरूरी इंतजाम समय पर किए जाएंगे. उनका कहना था कि किसानों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है. सीहोर प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री ने जनकल्याण शिविर में भी हिस्सा लिया. उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की. प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब 21 हजार लोगों का सर्वे पूरा किया जा चुका है. अब पात्र हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद योग्य परिवारों को पक्के मकान के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
