P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशJhabua News: शिवलिंग टूरिस्ट सर्किट से जुड़ेगा श्रृंगेश्वर धाम,निर्माण व सौंदर्यीकरण को...

Jhabua News: शिवलिंग टूरिस्ट सर्किट से जुड़ेगा श्रृंगेश्वर धाम,निर्माण व सौंदर्यीकरण को 6.28 करोड़ की मंजूरी

नदी संरक्षण के साथ आस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

झाबुआ/नावेद रज़ा/खबर डिजिटल/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग ने झाबुआ जिले को नवीन जल संसाधन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण सौगात दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया एवं कलेक्टर नेहा मीना के विशेष प्रयासों से इन परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है।

पेटलावद क्षेत्र में 15.8 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न जल संसाधन परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनके पूर्ण होने से लगभग 480 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। स्वीकृत परियोजनाओं में मुंडत बैराज (5.99 करोड़ रुपये) से 360 हेक्टेयर तथा मुकामपुरा तालाब नहर रहित योजना (3.53 करोड़ रुपये) से 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।

इसके अतिरिक्त माही नदी स्थित श्रृंगेश्वर घाट के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 628.21 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से नदी तटों के संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

1001577391
श्रृंगेश्वर घाट का प्रस्तावित स्वरूप

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने एवं जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पेटलावद क्षेत्र में स्वीकृत परियोजनाएं किसानों के लिए वरदान सिद्ध होंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट के प्रति आभार व्यक्त किया।

कलेक्टर नेहा मीना ने बताया कि श्रृंगेश्वर घाट का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ महाकुंभ के अंतर्गत श्रृंगेश्वर धाम को शिवलिंग टूरिस्ट सर्किट से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।

घाट के विकास से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट