रीवा/ अरविन्द तिवारी/ खबर डिजिटल/
रीवा में खाद वितरण केंद्र के बाहर पुलिस ने आदिवासी किसान पर लात घूंसे बरसाए। जिसका वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वो किसान नशे की हालत में था और हंगामा कर रहा था।
वहीं दूसरी तरफ आदिवासी किसान ने पुलिस के द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोपों को निराधार बताया है। साथ ही पुलिस पर बिना वजह पीटने का आरोप भी लगाया है। आदिवासी किसान ने पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग की है।
इन दिनों किसान खाद के लिए परेशान है घंटों लाइन में लगने के बाद उसे खाद की जगह लाठियां मिल रही है। ऐसा ही एक मामला रीवा जिले के जवा से सामने आया है, जहां पर किसान समृद्धि केंद्र जवा महूहा टोला में एक आदिवासी किसान प्रभुदायल आदिवासी के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है।
इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है जिसमे दो पुलिस कर्मी उसे पकड़कर गाड़ी में बिठाते हुए उसकी हांथ और पैर से पिटाई करते नजर आ रहे है। किसान ने बताया कि जब मैं अपना टोकन लेकर काउंटर पर पहुंचा तो वहां के कर्मचारियों ने मुझे दो बोरी खाद देने के लिए बोला। तब मेरे द्वारा कहा गया कि एक टोकन में पांच बोरी खाद देने का नियम आप लोगों ने बनाया है।
मेरे विनम्रतापूर्वक इतना निवेदन करते ही उपस्थित पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षक अनुराग तिवारी और आरक्षक शिवेंद्र मिश्रा द्वारा गाली गलौच करते हुए लात घूंसे से मुझ असहाय किसान को मारा गया। साथ ही मुक़दमा दर्ज करने की धमकी देते हुए मुझे गाड़ी में बैठाकर जवा थाने ले जाया गया, मुझे खाद भी नहीं मिली। मुझ पर लगातार एक के बाद एक कई प्रहार किए गए, मैं मारपीट से डर गया और सहम गया।
आखिर खाद मांगकर इतना बड़ा क्या गुनाह कर दिया मुझे यही बात नहीं समझ आ रही थी। मेरे साथ मारपीट की गई, ऊपर से मुझे नशेड़ी सिद्ध करने के लिए आरोप लगाए गए।
यह खबर Khabar Digital की टीम की रिपोर्ट पर आधारित है। पूरी जानकारी और वायरल वीडियो केवल Khabar Digital पर देखें।


