झाबुआ/नावेद रज़ा/खबर डिजिटल/विश्वविख्यात महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर की दरगाह में आयोजित 814वें उर्स के अवसर पर आदिवासी कांग्रेस की ओर से अकीदत की चादर रवाना की गई। इस मौके पर झाबुआ विधायक एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने देशभर के अनुयायियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उर्स को कौमी एकता व भाईचारे की अनुपम मिसाल बताया।
डॉ. भूरिया ने अपने संदेश में कहा कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का सूफी दर्शन प्रेम, शांति, सेवा और मानवता का संदेश देता है, जो आज भी समाज को जोड़ने का कार्य कर रहा है। भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में संतों, पीरों और फकीरों का अमूल्य योगदान रहा है।
उर्स के अवसर पर आदिवासी कांग्रेस की ओर से भेजी गई चादर को मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के महासचिव सुनील स्टार चौहान छठी शरीफ के अवसर पर 27 दिसंबर को दरगाह अजमेर शरीफ पर चढ़ाएंगे। इस दौरान अमन-चैन, आपसी सौहार्द और देश-प्रदेश की खुशहाली के लिए दुआ की जाएगी।
आदिवासी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ख्वाजा साहब के विचार आज भी समाज को प्रेम, एकता और सद्भाव का रास्ता दिखाते हैं और यही उर्स का मूल संदेश है।


