डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडौरी जिले में जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में सोमवार को हुई समय-सीमा बैठक में शासकीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान बड़ा फैसला लिया गया। अब जिले के सभी सरकारी भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ सभी शासकीय कर्मचारियों के घरों पर भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शासकीय सेवकों को अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य रूप से स्थापित करना होगा। इसकी पुष्टि के लिए जियो-टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में नदी, नाले, कुएं और घाटों की नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
शाहपुरा क्षेत्र के ग्राम मालपुर स्थित नर्मदा घाट का उदाहरण देते हुए जनसहभागिता से स्वच्छता अभियान चलाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने दो टूक कहा कि जल संरक्षण और योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पीएचई, तहसीलदार और एसडीएम को निर्देश दिए गए कि जल संकट वाले क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से टैंकर व अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत जिले में सामूहिक विवाह की नई तिथियां घोषित। अब 20 अप्रैल बजाग, 28 अप्रैल को डिंडौरी, 7 मई को शाहपुरा और 14 मई को अमरपुर में आयोजन होगा।
महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग और डीपीओ को स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में मध्याह्न भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता प्रमाणित कर दो दिन में सूची प्रस्तुत करने को कहा. बंटवारा, सीमांकन, नामांतरण, नक्शा तरमीम, फौती नामांतरण और राजस्व वसूली के लंबित मामलों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए।
बैठक में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को 2027 तक सभी लंबित योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया जाए। बैठक में समग्र आईडी, ई-केवाईसी, स्वच्छ भारत मिशन, नगरीय निगम कार्यों की प्रगति और राजस्व प्रकरणों की भी गहन समीक्षा की गई। इस दौरान जिला एवं राजस्व प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


