सौरभ श्रीवास्तव/खबर डिजिटल/कटनी। -पवित्र यम द्वितीया के शुभ अवसर पर कायस्थ समाज श्रद्धा और भक्ति में भावविभोर नजर आया। जिले का मुख्य आयोजन श्री चित्रगुप्त कायस्थ सभा के तत्वावधान में श्री चित्रगुप्त मंदिर, जगन्नाथ चौक में संपन्न हुआ। इस दौरान कायस्थ समाज के लोगों ने अपने आराध्य भगवान चित्रगुप्त का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।मंदिर प्रांगण वैदिक मंत्रों की गूंज और घी की आहुति से आध्यात्मिक आलोक में नहा उठा। समाजजनों ने कलम-दवात की पूजा कर ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं ने पुष्प, अक्षत और नैवेद्य अर्पित कर भगवान चित्रगुप्त का आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम में कथा एवं हवन का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रीमती आरती रविंद्र बक्शी ने यजमान की भूमिका निभाई और पंडित मनोज तिवारी ने पुरोहित के रूप में विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। समाज की महिलाओं ने भक्ति गीतों के माध्यम से वातावरण को भावमय बना दिया।मान्यता है कि भगवान चित्रगुप्त सृष्टि के कर्मलेखक हैं, जो प्रत्येक जीव के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं।
परंपरा के अनुसार, उनके पूजन के पश्चात ही कायस्थ जन पुनः अपनी लेखनी का प्रयोग प्रारंभ करते हैं। इसी क्रम में समाजजनों ने पूजा उपरांत कलम-दवात को प्रणाम कर लेखन कार्य का शुभारंभ किया।इस अवसर पर कायस्थ समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिलाएँ और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक आरती कर भगवान चित्रगुप्त से परिवार और समाज की उन्नति, ज्ञान-विवेक एवं समृद्धि की मंगलकामना की।पूरे कार्यक्रम का सफल आयोजन श्री चित्रगुप्त कायस्थ सभा महिला समिति एवं युवा समिति द्वारा किया गया। अंत में प्रसाद वितरण और सामूहिक भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर सभा ने सभी चित्रांश बंधुओं का आभार व्यक्त किया।


