मां स्कंदमाता की संपूर्ण पावन आरती
हे माता स्कंदमाता, तुम्हारी जय हो, नवरात्रि में तुम्हारा पांचवां स्थान आता है। तुम सबके हृदय की बात जानने वाली हो, इस संपूर्ण जगत की जननी और सबकी माता हो॥
मैं निरंतर तुम्हारी ज्योति प्रज्वलित करता रहूं, हर पल और हर घड़ी तुम्हारा ही ध्यान धरूं। मैंने तुम्हें कई अलग-अलग नामों से पुकारा है, इस जीवन में मुझे केवल तुम्हारा ही सहारा है॥
कहीं ऊंचे पहाड़ों पर तुम्हारा सुंदर डेरा है, तो कहीं विभिन्न नगरों में तुम्हारा बसेरा है। तुम्हारे दर्शन हर पावन मंदिर में हो जाते हैं, तुम्हारे प्यारे भक्तगण सदा तुम्हारा गुणगान गाते हैं॥
हे मां! मुझे अपनी सच्ची भक्ति प्रदान करो, मेरी सभी बिगड़ी हुई और रुकी हुई बातें बना दो। इंद्र समेत सभी देवी-देवता एक साथ मिलकर, तुम्हारे दरबार में आकर बार-बार गुहार लगाते हैं॥
जब-जब दुष्ट और पापी दैत्य आक्रमण करने आते हैं, तब-तब तुम ही अपने हाथों में शस्त्र उठाती हो। अपने सभी सेवकों और भक्तों की रक्षा करने के लिए, तू हमेशा इस लोक में दौड़ी चली आती है॥
मां स्कंदमाता का विशेष मंत्र
पूजा के समय मां के इस पावन मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है:







