वाराणसी में विधान परिषद चुनाव की मतगणना के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव पर्यवेक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव की जीत के बाद अब स्नातक सीट पर भी सपा प्रत्याशी आगे चल रहे थे। इसी बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और आवास विकास कॉलोनी में धरने पर बैठ गए।
स्नातक सीट पर सपा उम्मीदवार की बढ़त
बुधवार को स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के पांचवें राउंड में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिंह 12,662 वोटों से आगे चल रहे थे। उनकी बढ़त के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। शिक्षक सीट पर हार के बाद स्नातक सीट पर भी पिछड़ने से भाजपा खेमे में नाराजगी देखने को मिली।
चुनाव पर्यवेक्षक पर लगाए आरोप
भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव पर्यवेक्षक प्रांजल यादव पर धांधली कराने का आरोप लगाया। उनका दावा था कि मतगणना की प्रक्रिया में सपा उम्मीदवार को फायदा पहुंचाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से पर्यवेक्षक को हटाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। मतगणना के बीच हुए इस विरोध प्रदर्शन से वाराणसी का राजनीतिक माहौल गरमा गया।
अंतिम नतीजे पर टिकी निगाहें
वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा उम्मीदवार लाल बिहारी यादव की जीत के बाद स्नातक सीट का मुकाबला भी चर्चा में आ गया है। हालांकि, पांचवें राउंड में आशुतोष सिंह की बढ़त ही सामने आई थी और अंतिम नतीजे की पुष्टि जरूरी थी।
भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए धांधली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। चुनाव पर्यवेक्षक और प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी भी सामने नहीं आई। अब सबकी नजर मतगणना के अंतिम नतीजे और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर है।







